कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने बुधवार को साफ किया कि उनकी जद (एस) प्रमुख एच डी देवगौड़ा से फोन पर कोई बातचीत नहीं हुई है। येदियुरप्पा का यह स्पष्टीकरण उन खबरों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने समर्थन का आश्वासन देने के लिए उन्हें हाल में फोन किया था।
येदियुरप्पा ने यहां संवाददाताओं से कहा, “इसमें कोई सचाई नहीं है। प्रधानमंत्री रह चुके देवगौड़ा के पास सही और गलत का अंतर करने की क्षमता है। मैंने उनके नाम का कहीं जिक्र नहीं किया है, कभी ऐसा करुंगा भी नहीं।” फोन पर बातचीत को लेकर कुछ मीडिया हलकों में आई खबरों के बाद देवगौड़ा ने कल शाम एक बयान जारी कर इसे खारिज किया और इसे “सचाई से दूर’’ करार दिया।
हालांकि, भाजपा को लेकर जद (एस) के रुख में आई नरमी और कर्नाटक में मध्यावधि चुनाव नहीं चाह रहे देवगौड़ा ने मंगलवार को कहा कि वह चाहते हैं कि येदियुरप्पा नेतृत्व वाली सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे क्योंकि इससे उन्हें (देवगौड़ा) अपनी पार्टी को मजबूत करने का वक्त मिलेगा।
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देवगौड़ा के बेटे एवं पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने भी हाल में कहा था कि उनकी पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने की कोशिश नहीं करेगी, जैसा कि अमित शाह नेतृत्व वाली पार्टी ने उनकी गठबंधन की सरकार के साथ किया। कुमारस्वामी ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि मध्यावधि चुनाव होंगे।
मुख्यमंत्री के यादगीर के हालिया दौरे के वक्त विरोध करने वाले जद (एस) कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की घटना का हवाला देते हुए, येदियुरप्पा के आवास के सामने देवगौड़ा के विरोध प्रदर्शन की धमकी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है और वह इस मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री को मना लेंगे।


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