कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तरुण गोगोई ने सोमवार को कहा कि पार्टी विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध करने वाले सभी संगठनों और सामाजिक समूहों से आगामी लोकसभा चुनावों में समर्थन मांगेगी। असम के पूर्व मुख्यमंत्री गोगोई ने कहा कि मेघालय की नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी), असम और पूर्वोत्तर की ज्यादातर सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य भाजपा की मदद करना है।
गोगोई ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम नागरिकता विधेयक का विरोध कर रहे सभी लोगों से समर्थन मांगेगे। हम असम और उसके लोगों के हित के लिए एएएसयू, एजेवाईसीपी, केएमएसएस और अन्य के समर्थन का स्वागत करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि सभी भाजपा विरोधी और विधेयक विरोधी ताकतें मौजूदा सरकार को हराने के लिए एकजुट हो।
गोगोई ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी के कारण केन्द्र सरकार इस विधेयक को राज्यसभा में पेश नहीं कर सकी। हम असम के लोगों के साथ खड़े है। सरकार में आने के बाद हम इस विधेयक को कभी भी पेश नहीं करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने असम में एक रैली में घोषणा की थी कि चुनावों के बाद यदि पार्टी सत्ता में आती है तो फिर से नागरिकता विधेयक लाया जायेगा।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए गोगोई ने कहा, ‘‘कोनराड संगमा का रुख स्पष्ट नहीं है। वह विधेयक के खिलाफ है, लेकिन भाजपा के यह कहने पर भी कि विधेयक को फिर लाया जायेगा, वह नेडा में बने हुए है। इसका मतलब है कि कोनराड ने अपना रुख बदल लिया है।’’ गोगोई ने दावा किया कि कांग्रेस असम की 14 लोकसभा सीटों में से कम से कम 10 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।


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