मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने आज कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पंद्रह वर्षों के शासनकाल में प्रत्येक क्षेत्र में व्याप्त था।
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग मंत्री गोविंद सिंह द्वारा राज्य में अवैध रेत खनन जारी रहने संबंधी बयान के एक दिन बाद शोभा ओझा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले पंद्रह सालों से खनन ही नहीं, लगभग प्रत्येक क्षेत्र में ‘माफियाराज’ पनप गया है। यह माफियाराज वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस और राजनेताओं का गठजोड़ है, जिसने डेढ़ दशक में काफी गहरी जड़ जमा ली हैं।
शोभा ओझा ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने मात्र आठ माह में ही यह माफियाराज तोड़ने के लिए कदम उठाए हैं। लेकिन इस गठजोड़ को तोड़ने में कुछ और समय लगेगा। रेत के अवैध उत्खनन को रोकने के भी प्रयास किए गए हैं, लेकिन माफियाराज की जड़ें गहरी लगती हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री कमलनाथ माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखायी देंगे। यह पूछे जाने पर कि वरिष्ठ मंत्री डॉ सिंह के आरोप क्या अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर नहीं हैं, शोभा ओझा ने कहा कि वे ऐसा नहीं मानती हैं। मंत्री ने रेत के अवैध खनन में लिप्त कुछ अधिकारियों का जिक्र किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी लोगों के खिलाफ और सख्ती से कार्रवाई करेगी, जो अवैध खनन या किसी भी तरह के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। गोविंद सिंह ने कल यहां मीडिया से चर्चा में आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य में पिछले पंद्रह सालों के दौरान अवैध खनन का मामला जमकर उठाया था और विधानसभा चुनाव के समय हमने वादा किया था कि अवैध रेत उत्खनन रोकेंगे। लेकिन हम वर्तमान में यह वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि भिंड और दतिया क्षेत्र में रेत का अवैध खनन का कारोबार जमकर चल रहा है और पुलिस अधिकारी भी अपना कार्य छोड़कर जमकर उगाही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि‘नीचे से लेकर ऊपर तक’रेट तय हैं। वहीं प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि सरकार के ही वरिष्ठ मंत्री गोविंद सिंह आरोप लगा रहे हैं और ये आरोप गंभीर हैं।
उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि पैसा ‘ऊपर तक’ कहां जा रहा हैं और सरकार इसे रोकने में असफल साबित क्यों हो रही है। पाराशर ने मांग की कि डॉ सिंह को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि रेत के अवैध खनन में कौन कौन से मंत्री, विधायक या जनप्रतिनिधि शामिल हैं और उनका स्वयं (डॉ सिंह) का रेत के अवैध खनन से क्या नाता है।


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