कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें गर्भपात के संवैधानिक सरंक्षण को समाप्त कर दिया गया है।
चिदंबरम ने कहा कि जब एक राष्ट्र निराशाजनक रूप से विभाजित हो जाता है, तो गैर-निर्वाचित न्यायाधीश अपनी पूर्वाग्रह से भरी राय लोगों पर थोप सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकार अदालत द्वारा प्रदान नहीं किए गए हैं और अदालत उस अधिकार को वापस नहीं ले सकता जो उसके द्वारा प्रदान नहीं किया गया है।
अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने 50 साल पहले के रो बनाम वेड फैसले को पलटते हुए गर्भपात के लिए संवैधानिक संरक्षण को समाप्त कर दिया है। शुक्रवार को हुए इस घटनाक्रम से लगभग आधे राज्यों में गर्भपात पर प्रतिबंध लगने की संभावना है।


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