कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वायनाड में स्थित कार्यालय में तोड़फोड़ के लिए पार्टी के निशाने पर आयी एसएफआई ने कथित तौर पर उसके सदस्यों द्वारा हिंसक प्रदर्शन की शुक्रवार को निंदा की और कहा कि उसकी जिला इकाई द्वारा निकाले गए विरोध मार्च को राज्य की समिति से अनुमति नहीं मिली थी।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की प्रदेश अध्यक्ष के. अनुश्री और राज्य सचिव पी. एम. आर्शो ने एक बयान में कहा कि मार्च के आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के केरल के वायनाड स्थित कार्यालय के बाहर सत्ताधारी दल माकपा की विद्यार्थी शाखा एसएफआई के विरोध मार्च ने शुक्रवार को तब हिंसक रूप ले लिया, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने लोकसभा सदस्य के कार्यालय में कथित रूप से घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
एसएफआई ने शुक्रवार देर रात एक बयान में कहा कि उसने बफर जोन मुद्दे के खिलाफ प्रदर्शन का कोई निर्णय नहीं लिया था और गांधी के कार्यालय तक मार्च उसकी प्रदेश समिति की अनुमति के बिना निकाला गया।


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