असम में कांग्रेस-रायजोर दल में बनी बात, क्या भेद पाएंगे हिमंता का किला? जानिए क्या है सीट शेयरिंग का फार्मूला

Congress-Raijor Dal Seat Sharing

Congress-Raijor Dal Seat Sharing : EC द्वारा असम में चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद हलचल होनी शुरू हो गई है। अब तमाम पार्टियां अपनी संभावनाओं को तलाश रही है इसके लिए समीकरण बनाए जा रहे हैं। ऐसे में असम में लगातार दलबदल और इस्तीफों से परेशान कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर है.

पिछले 1 महीने में असम कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। ऐसे में कांग्रेस की नैया डूबने लगी थी, मगर इस डेमेज को ठीक करने में पार्टी कोशिश में लग गई है। बताया जा रहा है कि कई दिनों की बातचीत और लगातार अनिश्चितता के बीच कांग्रेस ने रायजोर दल के साथ असम विधानसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बना ली है.

11 सीटों पर सहमति, 2 पर दोस्ताना मुकाबला

दोनों दलों ने चुनावी करार को अंतिम रूप दे दिया गया है. दोनों पार्टियों ने तय किया है कि कांग्रेस 11 सीटें रायजोर दल के लिए छोड़ेगी, जबकि 2 सीटों पर दोनों दलों के बीच ‘दोस्ताना मुकाबला’ होगा.

जोरहाट में कल गुरुवार देर रात हुई अहम बैठक में, दोनों दलों के नेताओं ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस बैठक की अगुवाई कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई कर रहे थे. 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी.

मार्घेरिटा सीट भी रायजोर दल के खाते में

बता दें, रायजोर दल असम का एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल है, जिसके प्रमुख नेता अखिल गोगोई हैं। अखिल गोगोई राज्य में तब चर्चा में आए जब सीएए विरोधी आंदोलन चल रहे थे। उस दौरान नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में उन्हें राजद्रोह से जुड़े केस में जेल में बंद किया गया था.

इस पार्टी की स्थापना 8 जनवरी 2021 में की गई थी। जानकारी के अनुसार रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई सिबसागर सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से वे पिछली बार भी विजयी रहे थे। वहीं, कांग्रेस ने मार्घेरिटा सीट भी सहयोगी दल को दे दी है। पहले यह सीट प्रतीक बोरदोलोई को दी गई थी, जो प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे हैं, लेकिन उनके पिता के पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है।

6 दलों का विपक्षी गठबंधन मैदान में

राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस व्यापक गठबंधन के साथ चुनाव लड़ रही है। इस गठबंधन में रायजोर दल के अलावा असम जातीय परिषद, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ मार्कसिस्ट, आल पार्टी हिल लीडर कॉन्फ्रेंस और सीपीआई (एम-एल) लिबरेशन भी शामिल हैं।

बता दें, कांग्रेस अब तक 87 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। वहीं सहयोगी AJP 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि CPI(M) और APHLC को दो-दो सीटें मिली हैं। सीट बंटवारे के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सहयोगी दलों का आभार जताते हुए कहा कि राज्यहित को प्राथमिकता देते हुए यह समझौता किया गया है।

बीजेपी सरकार को हटाने का लक्ष्य

रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने कहा कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटाना है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और बदलाव चाहती है। साथ ही उन्होंने टिकट न मिलने वाले कार्यकर्ताओं से भी माफी मांगी।

गौरव गोगोई ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गठबंधन के सभी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करें। उन्होंने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य ऐसा असम बनाना है, जहां विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे, न कि किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित रहे।

यह भी पढ़ेंब्लाउज के चलते महिलाओं में हुई आपसी बहस मारपीट में हुई तब्दील, 2 हुए घायल, अस्पताल में भर्ती होने की आई नौबत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Make Punjab Kesari Your Trusted News Source

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।