जद (एस) को पारिवारिक उद्यम बनाने के लिये आलोचनाओं का सामना कर रहे पार्टी सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने गुरुवार को कहा कि जनता और पार्टी कार्यकर्ता चाहते थे कि उनके पोते निखिल कुमारस्वामी और प्रज्वल रेवन्ना क्रमश: मांड्या और हासन लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ें।
हासन में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के बाद संवाददाताओं से देवगौड़ा ने कहा कि विरोधी उन पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हैं लेकिन राजनीति में उनकी कामयाबी भगवान के आशीर्वाद और मतदाताओं के कारण हैं, जिनकी उनका परिवार यथासंभव सर्वश्रेष्ठ तरीके से सेवा करता है।
उन्होंने कहा, “लोग इसे पारिवारिक राजनीति बताते हैं। हम किसान के बेटे हैं। हम भगवान पर भरोसा करते हैं। मेरे पिता एक साधारण किसान थे। ईश्वर की कृपा से राजनीति में हमारा कद बढ़ता गया।” पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “यह (वृद्धि) किसी के हाथ की बात नहीं है। मतदाताओं ने हमें मजबूत बनाया। चाहे वो रेवन्ना (लोकनिर्माण कार्य मंत्री) हों, मैं होऊं या (मुख्यमंत्री) कुमारस्वामी हों, हमने अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमताओं से उनकी सेवा की।”
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मांड्या और हासन से अपने पोतों को टिकट दिये जाने के फैसले को न्यायोचित्त ठहराते हुए गौड़ा ने कहा कि लोग इस बात पर अड़े हुए थे कि दोनों को वहां से उम्मीदवार बनाया जाए। ‘‘मैंने लोगों की भावनाओं का सम्मान किया। ’’


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