चेन्नई की एक विशेष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अदालत ने जाइलॉग सिस्टम्स लिमिटेड के पूर्व प्रमोटर निदेशक सुदर्शन वेंकटरमन और रामानुजम शेषरत्नम को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। ईडी ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की।
फर्जी कंपनियों का भी किया इस्तेमाल
जांच से पता चलता है कि आरोपियों ने अवैध रूप से 186 करोड़ रुपये की राशि अर्जित की थी और इसमें से 58.12 करोड़ रुपये की राशि दोनों ने देश के बाहर ले ली है। दोनों ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से बैंकों के ऋणों को वैध बनाने के लिए दो प्रमुख कंपनियों और कई अन्य माध्यमों और फर्जी कंपनियों का भी इस्तेमाल किया।
कुर्क संपत्तियों को भी कर लिया जब्त
“33 करोड़ रुपये के अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए गए थे, और बाद में, मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध के लिए वेंकटरमण और शेषरत्नम और अन्य के खिलाफ ईडी द्वारा अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत भी दायर की गई थी। ईडी के एक अधिकारी ने कहा, Òअदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत चेन्नई कोर्ट द्वारा 33 करोड़ रुपये की कुर्क संपत्तियों को भी जब्त कर लिया गया है।


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