प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन मामले में झारखंड की कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद और उनके भाई को अगले महीने पूछताछ के लिए तलब किया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक़ 36 वर्षीय प्रसाद को चार अप्रैल को पेश होने के लिए कहा गया है जबकि उनके भाई अंकित साव को उसके अगले दिन पांच अप्रैल को बुलाया गया है। प्रसाद झारखंड विधानसभा में बड़कागांव निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं।
- छापे के दौरान लाखों की नगदी जब्त
- जमीन हड़पने जैसी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के आऱोप में जांच शुरू
- झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज की गयी 15 प्राथमिकी
प्रवर्तन निदेशालय ने कई ठिकानों पर की छापेमारी
सूत्रों ने बताया कि ईडी धनशोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज कराना चाहती है। प्रवर्तन निदेशालय ने कथित रंगदारी, लेवी वसूली, अवैध बालू खनन और जमीन हड़पने के सिलसिले में अपनी जांच के तहत इस सप्ताह के प्रारंभ में प्रसाद, उनके पिता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं अन्य के परिसरों पर छापा मारा था।
छापे के दौरान लाखों की नगदी जब्त
इस जांच एजेंसी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि इन छापों के दौरान उसने ‘बिना लेखा-जोखा’ के 35 लाख रुपये नकद और दस्तावेज जब्त किये थे। यह मामला साव, उनके परिवार के सदस्यों एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ भादंसं एवं हथियार कानून के तहत झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज की गयी 15 प्राथमिकियों पर आधारित है।
जमीन हड़पने जैसी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के आऱोप
ईडी ने यह स्पष्ट नहीं किया है नकद और दस्तावेज कहां से जब्त किये गये। प्राथमिकियों में आरोप लगाया गया है कि योगेंद्र साव एवं प्रसाद अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रंगदारी, लेवी वसूली, अवैध रेत खनन और जमीन हड़पने जैसी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। इन सभी ने इन अपराधों से कमाई की।


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