पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने मंत्रालय के सामने RCEP समझौते के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई की

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मरीन ड्राइव थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मृत्युंजय हीरेमाथ ने बताया कि हटकांगले के पूर्व सांसद शेट्टी समेत 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया।

पूर्व सांसद राजू शेट्टी की अगुवाई वाली स्वाभिमानी शेतकारी संघटना ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) व्यापार समझौते के खिलाफ सोमवार को यहां मंत्रालय के सामने प्रदर्शन किया। दस सदस्यीय दक्षिणपूर्व एशियाई देश संघ और छह अन्य देश– भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत में जुटे हुए हैं। 
आरसीईपी वार्ता शुरू करने का लक्ष्य आधुनिक, व्यापक, उच्च गुणवत्ता वाला परस्पर लाभकारी आर्थिक साझेदारी समझौता करना है। भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 15 देशों के नेताओं द्वारा दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्र के गठन के लिए सात वर्षों से जारी वार्ता के सफल समापन की सोमवार को घोषणा करने की संभावना है। वैसे औपचारिक रूप से उस पर हस्ताक्षर अगले साल फरवरी में किये जायेंगे। 
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र से आरसीईपी करार से पीछे हटने की मांग की क्योंकि इससे देश के कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के लिए कठिनाइयां आएंगी। उन्होंने वहां खड़े लोगों को दूध, दही, सोयाबीन और अन्य चीजें दी तथा उन्हें समझाया कि भारत तथा आरसीईपी के सदस्य देशों जैसे चीन, न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया के बीच दूध, कपड़े और ऑटोमोबाइल पर होने वाले इस करार से आयातित चीजें सस्ती हो जाएंगी तथा घरेलू रोजगार चौपट हो जाएंगे। 
शेट्टी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस करार को रद्द नहीं करती है तो उनका संगठन 200 अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशभर में प्रदर्शन करेगा। मरीन ड्राइव थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मृत्युंजय हीरेमाथ ने बताया कि हटकांगले के पूर्व सांसद शेट्टी समेत 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया। 

Desk Team