मध्यप्रदेश के उज्जैन और फिर भोपाल में मासूम बालिकाओं के साथ दुष्कर्म और फिर उनकी निर्मम हत्या की घटनाओं के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। सिलसिलेवार ट्वीट में गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार को लड़कियों के साथ होते जघन्य अपराधों को लेकर घेरा।
गोपाल भार्गव ने ट्वीट के जरिए कहा कि उज्जैन और भोपाल की घटनाओं ने प्रदेश को शर्मसार कर दिया है। अबोध बेटियों के साथ ही रही ऐसी घटनाएं हमारा माथा शर्म से झुका देती हैं। समाज की विकृतियां आज इस भयावह स्तर पर पहुंच जाएंगी, यह कभी सोचा भी नहीं था।

उन्होंने अन्य ट्वीट में आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस का शासन जंगलराज में तब्दील हो गया है। पहले नाबालिगों के अपहरण और हत्या की घटनाएं हुयीं और अब मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म और नृशंस हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके लिए राज्य की लचर कानून व्यवस्था जिम्मेदार है।

गोपाल भार्गव ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ और गृह मंत्री बाला बच्चन जिम्मेदार हैं। विपक्ष के नेता ने दोनों से त्यागपत्र की मांग भी कर दी है। गोपाल ने कहा, नाबालिग सुरक्षित नहीं और पुलिस की लापरवाही पूर्ण कार्यशैली ने एक बेटी की जान ले ली है, जो शर्मनाक है। बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सीधे तौर से मुख्यमंत्री और गृहमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।


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