गुजरात परिवहन के कर्मचारी हड़ताल पर, बस सेवा ठप

Summary :

हमारी मांगें नहीं मानी गयी तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।’’ मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कर्मचारियों से हड़ताल तोड़ने का आह्वान किया है।

गुजरात राज्य पथ परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) के हजारों कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के मुताबिक वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए बृहस्पतिवार को एक दिन के सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर चले गए। परिवहन निगम की बसों के नहीं चलने से राज्य के विभिन्न हिस्से में यात्री फंस गए । जीएसआरटीसी की 7,000 से ज्यादा बसें आधी रात के बाद से ही सड़कों पर नहीं उतरीं। ये बसें राज्य में निगम के विभिन्न डिपों में लगी रहीं ।

जीएसआरटीसी यूनियन के एक नेता नवलसिंह राणा ने बताया, ‘‘हमलोग पिछले तीन साल से सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।’’ राणा ने कहा, ‘‘अगर आज रात तक हमारी मांगें नहीं मानी गयी तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।’’ मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कर्मचारियों से हड़ताल तोड़ने का आह्वान किया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है…उनकी मुख्य मांग सातवें वेतन आयोग को लागू करना है। हमने लाभकारी लोक उद्यमों के कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग दिया है। जीएसआरटीसी भारी घाटे में है इसलिए इसके कर्मचारियों को समान लाभ नहीं मिल सकता’’  मुख्यमंत्री ने कहा, मैं उनसे तुरंत प्रदर्शन खत्म करने का अनुरोध करता हूं क्योंकि इससे राज्य के लोग प्रभावित हो रहे हैं । उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वेतन बढ़ोतरी की उनकी मांग के बारे में उचित समय पर फैसला होगा।

Desk Team