कोरोना महामारी के विरूद्ध देश में टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। ऐसे में कोरोना वायरस को मात देने की पुरजोर कोशिश जारी है, लेकिन गुजरात से एक अजीबोगरीब आदेश सामने आया है। गुजरात के अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने बुधवार को बड़ी आवासीय सोसायटी तथा वाणिज्यिक परिसरों सहित शहर के सभी निजी प्रतिष्ठानों के मालिकों तथा प्रबंधन से परिसर में उन लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने को कहा, जिन्होंने पात्र होने के बावजूद कोविड-19 रोधी टीके नहीं लगवाए हैं।
दिखाना होगा टीकाकरण प्रमाणपत्र-
एएमसी ने पिछले माह घोषणा की थी कि सार्वजनिक सेवाओं, नगर निकाय-संचालित सुविधाओं, मसलन सिटी बसों, बीआरटीएस (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), स्विमिंग पूल, पुस्तकालय, खेल परिसरों और विभिन्न नगर निकाय केन्द्रों में आने के इच्छुक लोगों को अपना टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाना होगा।
अब यही नियम निजी परिसरों में दाखिल होने के लिए भी लागू होगा। एएमसी के परिपत्र के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग, जिन्होंने टीके की पहली खुराक नहीं ली है और वे लोग जिन्होंने पात्र होने के बावजूद दूसरी खुराक नहीं ली है, उन्हें होटल, रेस्तरां, धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल, थिएटर, क्लब, वाणिज्यिक परिसर, पार्टी स्थल और बड़ी आवासीय सोसायटी जैसे निजी प्रतिष्ठानों में प्रवेश नहीं करने दिया जाए।
एएमसी के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शहर में पिछले महीने नगर निकाय द्वारा नागरिकों को सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए टीकाकरण प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य करने से कोविड-19 टीकाकरण अभियान को काफी प्रोत्साहन मिला है। एएमसी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभी तक शहर के 66.84 लाख (97 प्रतिशत) नागरिक कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक ले चुके हैं, जबकि 44.97 लाख (49 प्रतिशत) लोग दूसरी खुराक ले चुके हैं।


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