हिमाचल प्रदेश एक बड़ी आपदा के बाद सामान्य जीवन में वापसी करने की कोशिश के साथ नई योजनाओ पर भी कार्य कर रहा है। एक बड़े हादसे से निकल कर समान्य जिंदगी में आना उतना आसान नहीं होता। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा की कि जनजातीय और दूर-दराज के क्षेत्रों सहित सभी जिला मुख्यालयों में 16 हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटकों को कम समय में अनछुए गंतव्यों तक पहुंचने की सुविधा प्रदान करने के लिए चरणबद्ध तरीके से।
पहले चरण में नौ हेलीपोर्ट विकसित
वांछित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पर्यटन प्रवाह को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। बताया गया कि पहले चरण में नौ हेलीपोर्ट विकसित किए जाने हैं, जिनमें जिला हमीरपुर में जसकोट, कांगड़ा में रक्कड़ और पालमपुर, जिला चंबा में सुल्तानपुर, कुल्लू में मनाली, लाहौल-स्पीति में जिस्पा, सिस्सू और रंगरीक और जिला किन्नौर में शारबो शामिल हैं।
उच्च श्रेणी के पर्यटकों को सुविधा प्रदान
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, ”सुल्तानपुर, रक्कड़, पालमपुर और जसकोट हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्राप्त हो गई है, जबकि अन्य हेलीपोर्ट के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है।” उच्च श्रेणी के पर्यटकों को सुविधा प्रदान करना।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे चरण में शेष सात हेलीपोर्ट जिला चंबा के पांगी और होली, जिला बिलासपुर के औहर, जिला सिरमौर के धारकियारी, जिला शिमला के चांशल, जिला ऊना के जनकौर-हार और जिला ऊना के गलानाग में स्थापित किए जाएंगे।


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