देहरादून : उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत हरिद्वार जिले के मंगलौर में पशु वधशाला (स्लॉटर हाउस) की स्वीकृति को लेकर एक के बाद एक सफाई देते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हरीश रावत ने इस पर अपने मुख्यमंत्री काल की स्थिति साफ करते हुए फिर कहा कि मंगलौर में पशु वधशाला (स्लॉटर हाउस) को लेकर बीजेपी केवल झूठ, सफेद झूठ बोल रही है। मैंने किसी स्लॉटर हाउस की स्वीकृति नहीं दी है।
रावत ने आगे कहा कि वधशाला जिसको बूचड़खाना भी कहते हैं, उसकी स्वीकृति देने का अधिकार स्थानीय प्रशासन को है। और इसके लिए जो आर्थिक सहायता है, मॉडर्न स्लॉटर हाउस बनाने के लिए, वो केंद्र सरकार दे रही है। वर्ष 2017 में राज्य सरकार ने ऐसे बूचड़खानों के आधुनिकरण के लिए 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक सहायता अवमुक्त की हैं।
हरिद्वार में नहीं बनेगा स्लॉटर हाउस
क्या वो भी हरीश रावत के आदेश पर हुई है! जबकि ये सारा पैसा केंद्र सरकार का है और जब भाजपा सत्ता में है, उस समय अवमुक्त किया गया है। इस वधशाला को लेकर भाजपा की आंतरिक राजनीति गरमाई हुई है और ठीकरा सफेद झूठ के तौर पर मेरे सिर पर फोड़ा जा रहा है। हरीश रावत ने कहा कि मेरा कुछ लेना-देना इस तरीके के बूचड़खाने खोलने के साथ नहीं है।


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