कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने चुनावी धांधली के कांग्रेस के आरोपों को बृहस्पतिवार को खारिज किया और कहा कि वह इस मामले में जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। वह कांग्रेस महासचिव और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला द्वारा उनके इस्तीफे की मांग किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया था कि बेंगलुरु शहर में घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र कराने के लिए बोम्मई द्वारा निजी संस्था को काम सौंपा जाना एक चुनावी कदाचार है। बोम्मई ने इसे निराधार आरोप करार देते हुए कहा कि विपक्षी कांग्रेस ‘‘दिवालिया विचार’’ से ग्रस्त है और इसके चलते वह किसी सबूत के बिना इस तरह के आरोप लगा रही है।
मामले की जांच कराने को तैयार हैं।
बोम्मई ने कहा, मुझे लगता है कि कांग्रेस दिवालिया विचार से ग्रस्त है। यह भारत निर्वाचन आयोग, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) और एनजीओ (संबंधित) के बीच का मामला है। उन्होंने कहा कि अगर गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने अपनी स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है तो इसकी जांच की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।
बोम्मई कहा, क्या सबूत है कि कौन सी निजी जानकारी किसे दी गई है। कागज पर कुछ भी नहीं है। यह एक निराधार आरोप है। मैं वास्तव में हैरान हूं कि कांग्रेस किस तरह विचारों से दिवालिया हो गई है … कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, जांच होने दीजिए और सच्चाई सामने आ जाएगी। हम किसी भी जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं। मैं बीबीएमपी आयुक्त से मामला दर्ज करने के लिए कहता हूं।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया था कि बीबीएमपी ने इस साल अगस्त में एक निजी फर्म को घर-घर जाकर मतदाताओं का ‘नि:शुल्क’ सर्वेक्षण करने के लिए अधिकृत किया था और इसने मतदाता पहचान पत्र तथा आधार विवरण एकत्र करने के अलावा उनके लिंग और मातृभाषा जैसा ब्योरा एकत्र किया था।


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