Kullu Landslide : मंगलवार सुबह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में भूस्खलन की खबर है, इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रही है जिसमें दिख रहा है कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। इस कारण मणिकर्ण-बरशैणी सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। घाटीगढ़ के समीप पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। यह भूस्खलन साफ मौसम में हुआ, जिससे लोगों में और अधिक भय का माहौल है।
गनीमत है कि भूस्खलन की चपेट में कोई वाहन नहीं आया। जो वीडियो सामने आई है, उसमें तीन गाड़ियां ऐन मौके पर रुक गईं। यदि गाड़ियां नहीं रुकती तो नुकसान हो सकता था।
हिमाचल के कुल्लू जिले के मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर यह लैंडस्लाइड सामने आई, जिसमें टैक्सी चालक बाल बाल बच गए.
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Kullu Landslide : साफ मौसम में भी क्यों दरक रहा पहाड़

बताया जा रहा है कि बारिश और बर्फबारी के बाद पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अस्थिर हो चुका है। दिन-रात छोटे-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं, जिससे इस मार्ग पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले भी कई बार यह मार्ग बंद हो चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
Manikaran Road Blocked : वीडियो में सड़क गायब

इसे लेकर विनोद करवाल नाम के एक एक्स यूजर ने अपने अकाउंट पर वीडियो पोस्ट की है। जिसमें देखा जा सकता है कि पहाड़ से तेजी से मलवा नीचे की तरफ सरक रहा है, मलवे के साथ बड़े बड़े पत्थर भी गिरते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो देखने में भयानक लग रही है और उस के तुरंत पहले वाहन रुके हुए दिखाई दे रहे हैं। 1.7 मिनट की इस वीडियो में दिख रहा है कि भूस्खलन के चलते सड़क ही गायब हो गई है। सड़क के दूसरी छोर कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा।
Himachal Pradesh Landslide : होती है सैकड़ों वाहन, पर्यटक व श्रद्धालु की आवाजाही
बता दें, इस सड़क से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिनमें पर्यटक, स्कूली बच्चे, मरीज और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं। यह इलाके का जरूरी मार्ग है। इस चलते कई बार वाहन चालकों को स्वयं मलबा हटाकर रास्ता बनाना पड़ता है। सैलानियों और श्रद्धालुओं में भी डर का माहौल है, जिससे पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी तौर पर मलबा हटाना समस्या का समाधान नहीं है। पहाड़ी की वैज्ञानिक ट्रीटमेंट, मजबूत रिटेनिंग वाल और वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की मांग की है। इसकी वजह भी है क्योंकि यह घटना उस समय घटी है जब मौसम सुहाना था, अक्सर ऐसे कम ही घटनाएं घटती हैं।
Ghati Garh Landslide : हिमाचल में खिल रही है तेज धूप
शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार दोपहर को अपने बुलेटिन में बताया कि निचले पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है. राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में -5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सोमवार का सबसे अधिक अधिकतम तापमान हमीरपुर के नेरी में 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. विभाग का कहना है कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई है.
क्या कहते हैं अधिकारी
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता गोविंद ठाकुर का कहना है कि मार्ग को बहाल करने का कार्य किया जा रहा है। मणिकर्ण में एक मशीन तैनात की गई है, ताकि भविष्य में मार्ग बंद होते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। :
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