महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 21 मई को होने वाले राज्य विधान परिषद के चुनाव के लिए आज अपना नामांकन दाखिल किया। शिवसेना ने उद्धव के अलावा नीलम गोरे को भी अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। नीलम ने भी अपना नामांकन दायर कर लिया है। इस मौके पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट और शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं सहित महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के कई नेता मौजूद थे। विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने भी शिवसेना उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया।
राकांपा के उम्मीदवार शशिकांत शिंदे और अमोल मितकरी व कांग्रेस के राजेश राठौड़ ने भी रिटर्निग ऑफिसर को अपना नामांकन सौंपा। विपक्ष भारतीय जनता पार्टी से चार उम्मीदवार रणजीतसिंह मोहिते-पाटिल, प्रवीण दटके, गोपीचंद पडलकर और अजीत गोपछडे मैदान में हैं और उन्होंने भी सोमवार दोपहर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सभी नौ उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। एमएलसी चुनावों के साथ ठाकरे एक विधायक के रूप में अपनी शुरुआत करेंगे। यह अनिवार्य था क्योंकि वे विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।
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नामांकन दाखिल होने के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “नौ एमएलसी सीटों पर चुनाव निर्विरोध होगा। हमने कांग्रेस नेतृत्व के साथ चर्चा की कि यह चुनाव का समय नहीं बल्कि कोविड -19 महामारी से मुकाबला करने का समय है। उन्होंने हमारे अनुरोध का सम्मान किया और अपने दूसरे उम्मीदवार को वापस ले लिया।” राज्य के उच्च सदन में नौ खाली सीटें 288 सदस्यों वाले विधानसभा के निर्वाचक मंडल के माध्यम से भरी जाएंगी।


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