महाराष्ट्र की एक अदालत ने शुक्रवार को राज्य सरकार के मंत्री बच्चू काडू को 2014 में चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने के मामले में दो महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, प्रहार जनशक्ति पार्टी से ताल्लुक रखने वाले मंत्री को सजा सुनाए जाने के बाद जमानत मिल गई।
सजा के अलावा अदालत ने ठोका 25000 का जुर्माना
सिविल जज एल सी वाडेकर ने काडू को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया। काडू इस समय स्कूली शिक्षा राज्य मंत्री हैं। जेल की सजा के अलावा, अदालत ने उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने उन्हें अपील दायर करने को लेकर सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया।
चुनावी हलफनामें छिपाई थी फ्लैट की जानकारी
भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं शिकायतकर्ता गोपाल तिरामारे के अनुसार काडू ने 2014 के विधानसभा चुनावों के लिए हलफनामा दाखिल करते हुए मुंबई में अपने 43.46 लाख रुपये के फ्लैट के बारे में जानकारी छिपाई थी। काडू ने आरोपों से इनकार करते हुए अदालत के समक्ष दावा किया था कि उसने पहले ही फ्लैट बेच दिया था क्योंकि वह ऋण नहीं चुका सकता था।
अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे बच्चू काडू
काडू ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे। काडू ने कहा कि वर्ष 2014 में विधायकों की एक हाउसिंग सोसाइटी बनाई गई थी और राज्य सरकार ऋण के लिए प्रत्याभूतिकर्ता थी।


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