मध्यप्रदेश में उपचुनाव के आते ही एक बार फिर आया राम गया राम का सिलसिला शुरू हो गया है। इसकी शुरूआत जोबट से विधायक रही और कांग्रेस नेता सुलोचना रावत ने की है। वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
इन तीन क्षेत्रों में होंगे उप-चुनाव
राज्य में तीन विधानसभा क्षेत्रों जोबट, रैगांव, पृथ्वीपुर के साथ ही खंडवा लोकसभा क्षेत्र में उप-चुनाव होने वाले हैं। यह उपचुनाव सियासी तौर पर काफी अहम माने जा रहे हैं। यही कारण है कि दोनों राजनीतिक दल अपनी ताकत को मजबूत करने में जोर लगा रहे हैं। अलीराजपुर जिले की जोबट विधानसभा क्षेत्र में भी उपचुनाव होना है, यहां उप-चुनाव कांग्रेस की विधायक रही कलावती भूरिया के निधन के चलते हो रहा है और यहां फिलहाल दोनों राजनीतिक दलों ने उम्मीदवार तय नहीं किए हैं। कांग्रेस की ओर से बड़ी दावेदार सुलोचना रावत मानी जा रही थी, जिन्होंने पाला बदल लिया है और वे भाजपा में शामिल हो गई हैं।
मोदी-शिवराज नेतृत्व में आदिवासियों के कल्याण की चलाई जा रही हैं अनेक योजनाएं : सुलोचना रावत
कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाली सुलोचना रावत का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आदिवासियों के कल्याण की अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। आदिवासियांे केा जमीन के पटटे दिए जा रहे हैं तो उनके घरों तक अनाज पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही नर्मदा नदी को अलीराजपुर तक लाने के प्रयास हो रहे हैं, इन सब कामों से प्रभावित होकर ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा है।
सुलोचना रावत कांग्रेस के सर्वे में जनता की पसंद नहीं थीं : सैयद जाफर
कांग्रेस नेता के दल-बदल करने पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सैयद जाफर का कहना है कि सुलोचना रावत कांग्रेस के सर्वे में जनता की पसंद नहीं थीं। सुलोचना रावत का इतिहास दगाबाजी और बगावत का रहा है। देश में कैडर का दम भरने वाली भाजपा, अपने कैडर बेस से किसी कार्यकर्ता को विधानसभा की उम्मीदवारी के काबिल नहीं समझती। दमोह चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में गए राहुल लोधी को मिली हार का जिक्र करते हुए जाफर ने कहा कि सुलोचना रावत, दमोह की राहुल लोधी साबित होंगी। राजनीतिक गलियारों से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस और भाजपा में उन इलाकों में जहां उप-चुनाव हो रहे हैं, वहां के कई नेताओं और कार्यकतार्ओं के आने वाले दिनों में पाला बदलने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों दलों में उम्मीदवारी के बड़े-बड़े दावेदार हैं।


Download Android App
Download iOS App



