कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई में अंदरूनी कलह और उसके विधायकों को भाजपा द्वारा अपने पाले में करने के आरोपों के बीच वहां से कुछ मंत्रियों सहित कई विधायक सोमवार को यहां पहुंचे।
सूत्रों ने बताया कि वे चाटर्ड विमानों से दिन में यहां पहुंचे और एक अज्ञात स्थान पर ठहरे हुए हैं।
आगामी राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्य से पार्टी के कम से कम 17 से अधिक विधायकों से अचानक सोमवार को संपर्क स्थापित नहीं हो पाने के बीच यह घटनाक्रम हुआ।
समझा जाता है कि ये विधायक सिंधिया का समर्थन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश की कमलनाथ नीत सरकार को गिराने के लिए विधायकों (कांग्रेस के) को भाजपा के अपने पाले में करने की कोशिशों के कांग्रेस द्वारा आरोप लगाये जाने के मद्देनजर ये विधायक यहां पहुंचे।
इससे पहले चार मार्च को मध्य प्रदेश से करीब तीन-चार विधायक यहां पहुंचे थे और उन्हें एक निजी स्थान पर ठहराया गया है। उनमें से एक विधायक निर्दलीय बताये जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में भाजपा का कहना रहा है कि विपक्षी पार्टी का इन घटनाक्रमों से कोई लेना देना नहीं है।
वहीं, मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है, जो विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिसंबर 2018 में शासन में आई थी।


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