‘मुंबई बाग’ कहे जाने वाले नागपाड़ा में सीएए विरोधी प्रदर्शन को समाप्त करने की ‘‘कुछ समूहों की कोशिशों’’ के बावजूद यह धरना प्रदर्शन रविवार को आठवें दिन भी जारी रहा। धरना प्रदर्शन को लेकर शनिवार को उस समय भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी, जब पुलिस ने नागपाड़ा में मोरलैंड रोड पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं से इलाका खाली करने को कहा था।
पुलिस ने कहा था कि उनके पास प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया था। प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा किए जाने के तत्काल बाद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे और उन्होंने नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त करने की योजना वापस ले ली गई और प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया गया।
प्रदर्शन के आयोजक फिरोज मिथिबोरवाला ने रविवार को कहा, ‘‘पुलिस एवं कुछ अंदरूनी तत्वों के ‘मुंबई बाग’ प्रदर्शन को नाकाम करने की कोशिशों के बावजूद प्रदर्शन जारी है। हम अब पहले से अधिक मजबूती से और अधिक दृढ़ता से प्रदर्शन करेंगे।’’ उन्होंने कहा, “महिलाओं का यह प्रदर्शन 26 जनवरी की रात को आरंभ हुआ था।”
फिरोज मिथिबोरवाला ने कहा, “प्रदर्शन रविवार को आठवें दिन भी जारी रहा। हम मुंबई पुलिस से इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के आयोजकों के साथ सहयोग करने का अनुरोध करते हैं।’’ मिथिबोरवाला ने कहा, ‘‘मुंबई बाग एक और शाहीन बाग बन गया है और इसने प्रदर्शन समाप्त करने की सभी कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है।’’
बता दें छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष शनिवार को भाषण देने के लिए रात साढ़े 10 बजे मुंबई बाग आई थीं। पुलिस ने आइशी को मेगाफोन का इस्तेमाल करने से रोक दिया था क्योंकि रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का प्रयोग वर्जित है। घोष ने बाद में बिना मेगाफोन के प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।


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