हिमाचल में अस्‍पताल प्रबंधन की लापरवाही, बिना मरीजों को शिफ्ट किए शुरू करवा दिया मरम्‍मत का काम

Summary :

मंडी अस्पताल में लापरवाह प्रबंधन से मरीजों को खतरा

मंडी के जोनल अस्पताल में प्रबंधन की लापरवाही से मरीजों को परेशानी हो रही है। बिना वार्ड खाली किए टाइल्स की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे धूल और फर्श की टूट-फूट से सांस लेने में मुश्किलें बढ़ रही हैं। शिकायतों के बावजूद प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां वार्डों के टूटे फर्श पर बेड लगाकर इलाज किया जा रहा है। जोनल अस्पताल मंडी के एमसीएच वार्ड में अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही से मरीजों और तीमारदारों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।कई बार शिकायत के बाद भी प्रबंधन इस समस्या का संज्ञान नहीं ले रहा है। तीमारदारों ने बताया कि कमरे में धूल फैल जाने से सांस लेने में परेशानी हो रही है। चिल्ड्रन वार्ड में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और उनके माता-पिता को झेलनी पड़ रही है।

बताते चलें कि पिछले कुछ महीनों से मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) के विभिन्न वार्ड की टाइलें टूटनी और उखड़नी शुरू हो गई थीं। इसके बाद इन वार्डों में नई टाइल्स लगाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने ठेकेदार को काम सौंपा है।बीते रविवार से संबंधित ठेकेदार ने काम करना भी शुरू किया है, लेकिन यहां इन वार्डों को खाली कराए बिना ही यह काम किया जा रहा है। अन्य वार्ड खाली होने के बाद भी मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट न करना, प्रबंधन की बहुत बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। मरीजों के साथ आए तीमारदारों का कहना है कि नई टाइल लगाने के लिए फर्श उखाड़ दी गई है, जिससे अब यहां धूल उठ रही है और पंखा लगाने के समय उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है।

तीमारदार रोचन राम ने बताया कि उसकी बेटी अस्पताल में पांच दिन से भर्ती है। ठेकेदार के काम करने से धूल फैल रही है, जिससे सांस लेने में परेशानी हो रही है। प्रबंधन को बच्चों को दूसरे रूम में शिफ्ट करना चाहिए।वहीं, तीमारदार आशा देवी ने बताया कि टाइलें निकली हुई थीं। इसके बाद ठेकेदार ने बिना रूम खाली किए ही काम शुरू कर दिया है।

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News Desk

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