उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एनटीलिया के बाहर से 25 फरवरी को बरामद हुई विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शुरू कर दी है क्योंकि इस मामले की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। मंगलवार को एक टीम मुंबई पहुंची। टीम ने मुंबई में उतरते ही कई जगहों पर छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक, टीम उस इनोवा की जांच के नतीजे के काफी करीब पहुंच चुकी है, जो स्कॉर्पियो के पीछे दो बार नज़र आई थी।
इस टीम को एक इंस्पेक्टर जनरल लेवल के अधिकारी लीड कर रहे हैं। मंगलवार को एक टीम एनटीलिया पहुंची और वहां के सुरक्षाकर्मियों और सुरक्षा अधिकारी से पूछताछ की। टीम ने वहां से सीसीटीवी फुटेज की कॉपी भी अपने कब्ज़े में ली है। एनआईए की टीम के साथ गामदेवी पुलिस स्टेशन के कुछ अधिकारी और डीसीपी राजीव जैन भी साथ में थे। जैन ने ही केस से जुड़ी सारी डिटेल एनआईए टीम को बताई है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि टीम आज इस घटना के सीन को रिकंस्ट्रक्शन करेगी।
मुकेश अंबानी के घर से निकलने के बाद एनआईए के अधिकारी मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर पहुंचे और जॉइंट पुलिस कमिश्नर मिलिंद भारबे से मुलाकात की। इसके बाद सभी मुंबई पुलिस कमिश्नर, परमबीर सिंह से भी मिले। इस मामले को लेकर मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था और क्राइम ब्रांच की टीम इसकी जांच कर रही है। हालांकि, सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह केस एनआईए को सौंप दिया था। मुंबई पुलिस की टीम 2,000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज को इस मामले में खंगाल रही है।
इसी मामले में से जुड़े कुल तीन केस दर्ज हुए है। पहला मामला विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो मिलने का है। दूसरा केस स्कॉर्पियो की चोरी का है और तीसरा केस स्कॉर्पियो के मालिक की हत्या का है। स्कॉर्पियो की चोरी का केस ठाणे के व्यापारी मनसुख हिरेन ने दर्ज करवाया था। हालांकि, 6 मार्च को उनका शव ठाणे की खाड़ी से बरामद हुआ।
उनकी मौत को हत्या मानते हुए गृह मंत्री अनिल देशमुख के आदेश पर महाराष्ट्र एटीएस ने इस मामले हत्या का केस दर्ज किया है। मनसुख की पत्नी के हवाले से पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में खुलासा किया कि मनसुख की हत्या मुंबई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड सचिन वझे ने की है। उन्होंने सचिन की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है।


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