राष्ट्रपति के कार्यक्रम में protocol Lapses ! केंद्र ने मांगी ममता सरकार से सफाई, Blue Book नियमों के उल्लंघन का आरोप

Summary :

President Dropadi Murmu Protocol Lapses : पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर प्रोटोकॉल में हुई चूक को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव से शाम तक पूरी जानकारी देने को कहा है। रिपोर्ट में राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सभी पहलुओं—प्रोटोकॉल व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल, यात्रा मार्ग और सुरक्षा इंतजाम—पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। Bluer Book Rules: ‘ब्लू बुक’ नियमों के उल्लंघन के आरोप सूत्रों का कहना है कि…

President Dropadi Murmu Protocol Lapses : पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर प्रोटोकॉल में हुई चूक को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव से शाम तक पूरी जानकारी देने को कहा है। रिपोर्ट में राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सभी पहलुओं—प्रोटोकॉल व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल, यात्रा मार्ग और सुरक्षा इंतजाम—पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Bluer Book Rules: ‘ब्लू बुक’ नियमों के उल्लंघन के आरोप

Bluer Book Rules
Bluer Book Rules (Source: Social Media)

सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़ी ‘ब्लू बुक’ गाइडलाइन के अनुसार कई स्तरों पर नियमों का पालन नहीं हुआ। इसी वजह से केंद्र ने राज्य सरकार से चार अहम बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। इनमें राष्ट्रपति प्रोटोकॉल का पालन, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, काफिले के मार्ग की स्थिति और सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं।

President Dropadi Murmu Protocol Lapses: स्वागत और विदाई को लेकर उठे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई के समय राज्य के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद क्यों नहीं थे। सामान्य तौर पर राष्ट्रपति के दौरे पर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी की मौजूदगी अपेक्षित मानी जाती है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई केवल सिलीगुड़ी के मेयर द्वारा की गई थी, जिससे प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े हो गए।

कार्यक्रम स्थल और सुविधाओं पर भी शिकायत

सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा जिस मार्ग से उनका काफिला गुजरा, वहां साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी और रास्ते में कचरा होने की बात कही जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं के लिए दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को जिम्मेदार माना जा रहा है।

Mamata Banerjee on Protocol Lapses: ममता बनर्जी का केंद्र पर पलटवार

Mamata Banerjee on Protocol Lapses
Mamata Banerjee on Protocol Lapses (Source: Social Media)

इस पूरे विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि सिलीगुड़ी में आयोजित कार्यक्रम कोई सरकारी आयोजन नहीं था, बल्कि यह ‘इंटरनेशनल संथाल काउंसिल’ नामक संस्था द्वारा आयोजित एक निजी सम्मेलन था, जिसमें राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया था।

मुख्यमंत्री के अनुसार जिला प्रशासन ने पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय को लिखित और मौखिक रूप से बता दिया था कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, इसके बावजूद कार्यक्रम निर्धारित समय पर आयोजित किया गया।

प्रोटोकॉल पालन का राज्य सरकार का दावा

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई के लिए जो प्रोटोकॉल सूची राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा तय की गई थी, उसी के अनुसार स्थानीय अधिकारी मौजूद थे। उनके मुताबिक सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त ने प्रोटोकॉल के तहत अपनी भूमिका निभाई और राज्य सरकार की ओर से कोई उल्लंघन नहीं हुआ।

West Bengal President Visit: राष्ट्रपति ने भी जताई नाराजगी

West Bengal President Visit
West Bengal President Visit (Source: Social Media)

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया था। उन्होंने कहा था कि आमतौर पर राष्ट्रपति के दौरे के समय मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता स्वागत के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कार्यक्रम स्थल की लोकेशन को लेकर भी टिप्पणी की थी और कहा था कि वहां तक पहुंचना लोगों के लिए आसान नहीं था।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी प्रतिक्रिया दी और इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा से देश के लोगों को भी दुख हुआ है और राष्ट्रपति पद की गरिमा को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने इसे लेकर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि TMC सरकार ने सारी हदें क्रॉस कर दी हैं।

तृणमूल कांग्रेस का जवाब

उधर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव Abhishek Banerjee ने केंद्र सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों और तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।

चुनावी माहौल में बढ़ी सियासत

राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब सबकी निगाह उस रिपोर्ट पर टिकी है जो पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव गृह मंत्रालय को सौंपेंगे। माना जा रहा है कि उसी के आधार पर केंद्र सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी।

यह भी पढ़ें – महाराष्ट्र में किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ, 7.69 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश; 5 पॉइंट में पढ़ें बजट की बड़ी घोषणाएं

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।