भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने गुजरात का अपना दो दिवसीय दौरा रविवार को बनासकांठा जिले में मां अंबाजी मंदिर में मत्था टेकने के साथ शुरू किया। टिकैत इस दौरान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रचार करेंगे।
टिकैत ने गुजरात की सीमा में प्रवेश करने के दौरान भाजपा और केंद्र पर परोक्ष तौर पर निशाना साधने के लिए पत्रकारों को अपना पासपोर्ट दिखाया और कहा कि यदि गुजरात में प्रवेश करने के लिए इसकी आवश्यकता पड़ी, तो उसे ध्यान में रखते हुए वह इसे लेकर आए हैं।
टिकैत पड़ोसी राज्य राजस्थान के आबू रोड स्टेशन पर ट्रेन से उतरे, जहां किसानों ने उनका स्वागत किया। टिकैत से जब पूछा गया कि क्या वह कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आये हैं, जो गुजरात में यात्रा करने के लिए रखना अनिवार्य है, तो उन्होंने हां में जवाब दिया और कहा, ‘‘मेरे पास सभी दस्तावेज हैं।
यह मेरा पासपोर्ट है, यदि गुजरात में प्रवेश करने के लिए इसकी आवश्यकता हो।’’ टिकैत दिन में बाद में पालनपुर में किसानों को संबोधित करने वाले हैं। केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ सैकड़ों किसान पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं।
प्रदर्शनकारी किसान अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के साथ ही तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार और किसान यूनियनों के बीच 10 से अधिक दौर की बातचीत गतिरोध खत्म करने में विफल रही है।


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