मुंबई में ED की छापेमारी पर बोले राउत-यदि कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है, तो सहयोग करना आवश्यक

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संजय राउत ने कहा कि ईडी की छापेमारी यदि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है, तो महाराष्ट्र सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह जांच एजेंसी का सहयोग करे।

मुंबई में अंडरवर्ल्ड और उससे जुड़ी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से संबंधित धन शोधन के मामले की जांच के तहत ईडी की छापेमारी चल रही है। ईडी की इस कार्रवाई पर शिवसेना के नेता एवं सांसद संजय राउत ने कहा कि ईडी की छापेमारी यदि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है, तो महाराष्ट्र सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह जांच एजेंसी का सहयोग करे। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या केंद्रीय जांच एजेंसी गुजरात में ‘‘सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी’’ की भी जांच करेगी।
राउत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि कोई मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, तो (राज्य सरकार के लिए यह) जरूरी है कि वह केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग करे। (इस पर मिलकर काम करना) केंद्र और राज्य के लिए आवश्यक है।’’ राज्यसभा के सदस्य ने कहा कि राष्ट्रीय एवं आंतरिक सुरक्षा एक बहुत नाजुक मामला है और इस जांच पर कुछ भी बोलना अनुचित होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर ED के पास कोई जानकारी है तो देश की सुरक्षा के लिए वे ऐसा कर सकते हैं। लेकिन गुजरात में देश का इतना बड़ा बैंक घोटाला हुआ उसे किसने दबाने की कोशिश की? 2 साल से ममाले की एफआईआर तक नहीं हुई, मुख्य आरोपी भाग कैसे गए ये एक चिंता का विषय है।” 

मुंबई में अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर ED की छापेमारी, एक नेता भी रडार पर

प्रवर्तन निदेशालय ने अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों, संपत्तियों की अवैध खरीद-फरोख्त और हवाला के जरिये लेन-देन से संबंधित धन शोधन के मामले की जांच के तहत मुंबई में आज कई स्थानों पर छापेमारी की। ईडी के अधिकारी दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के मुंबई स्थित आवास पर भी पहुंचे है। जांच एजेंसी की इस करवाई की रडार में एक नेता भी है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी को स्वतंत्र रूप से प्राप्त कुछ खुफिया जानकारी और वर्ष 1993 में मुंबई में हुए बम धमाके के मुख्य साजिशकर्ता दाऊद इब्राहीम के विरुद्ध राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े कुछ नेता भी एजेंसी के रडार पर हैं।
मुंबई में लगभग 10 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के अंतर्गत की जा रही है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के एक संघ से कथित रूप से 22,842 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के संबंध में दर्ज किया गया है।

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