केरल में एयरपोर्ट के निजीकरण के विरोध में सत्तारूढ़ माकपा PM मोदी को 2 लाख ई-मेल भेजेगी

Summary :

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा बृहस्पतिवार को बुलाई गई एक सर्वदलीय डिजिटल बैठक में तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डा अडानी समूह को पट्टे पर देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को वापस लेने की मांग की गई थी

तिरुवंनतपुरम हवाईअड्डा अडानी इंटरप्राइजेज को पट्टे पर देने के केंद्र के फैसले का विरोध करते हुए केरल में सत्तारूढ़ माकपा ने शुक्रवार को कहा कि वह इसके विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो लाख ई-मेल भेजेगी। माकपा के प्रदेश सचिव के.बालाकृष्णन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”इस विषय पर राज्य की भावनाओं से अवगत कराने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता और प्रतिनिधि पर मोदी को ई-मेल भेजेंगे।”
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा बृहस्पतिवार को बुलाई गई एक सर्वदलीय डिजिटल बैठक में तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डा अडानी समूह को पट्टे पर देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को वापस लेने की मांग की गई थी। माकपा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से इस हवाईअड्डे को राज्य सरकार को सौंपे जाने की मांग की और कहा कि वह अडानी समूह को इसका अधिग्रहण करने की अनुमति नहीं देगी। 
बालाकृष्णन ने कहा, ” हम हवाईअड्डे के निजीकरण की अनुमति नहीं देंगे। इसे निजी हाथों में नहीं सौंपा जा सकता।” उन्होंने आरोप लगाया, ”केंद्र का लक्ष्य हवाईअड्डों को निजी कंपनियों को सौंपना है। सभी हवाईअड्डे और बंदरगाह अडानी को सौंपे जा रहे हैं।”
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन हवाईअड्डों जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत पट्टे पर देने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दी थी। माकपा नेता ने केंद्र के फैसले में बड़ा भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने 2018 में इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि केंद्र के फैसले का स्वागत करने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर को अपना रुख में बदलाव करना चाहिए।

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