महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के करीब दो सप्ताह बाद भी राजनीतिक गतिरोध खत्म न होने के बीच राज्यपाल के साथ मुलाकात के बाद शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी राज्य में सरकार गठन के लिए कोई बाधा पैदा नहीं कर रही है। राउत ने कहा कि जिसके पास भी बहुमत है उसे सरकार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। राउत सत्ता के समान बंटवारे और मुख्यमंत्री पद साझा करने की शिवसेना की मांग को प्रमुखता से उठाने में मुखर रहे हैं।
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राज्यसभा सदस्य ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के साथ अपनी मुलाकात को ‘‘शिष्टाचार भेंट’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्यपाल को बताया कि नयी सरकार के गठन को लेकर राज्य में मौजूदा राजनीतिक हालात के लिए शिवसेना जिम्मेदार नहीं है।’’ शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक राउत ने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में नयी सरकार के गठन में कोई बाधा पैदा नहीं कर रही है। राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा हुई थी।
राउत ने कहा, ‘‘राज्यपाल ने धैर्यपूर्वक हमें सुना। हमने अपनी राय रख दी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल ने हमें बताया कि महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए थोड़ा वक्त है। राज्यपाल ने बताया कि कोई भी राजनीतिक दल आगे आ सकता है और सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है।’’ राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘हम सहमत है कि राज्यपाल संविधान की रूपरेखा के तहत काम कर रहे हैं।’’
राज भवन के एक अधिकारी ने बताया कि राउत पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री रामदास कदम के साथ आए थे और उन्होंने शाम पांच बजे कोश्यारी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भाजपा और शिवसेना के बीच विभागों के समान बंटवारे और ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद को लेकर तनातनी बनी हुई है। गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनावों में भाजपा ने 105 सीटों, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की।


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