मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्यवक नरेन्द्र सलूजा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर लगाए जा रहे आरोप पर पलटवार करते हुए आज कहा कि उन्हें इन समस्याओं पर बात करने का हक नहीं है।
कांग्रेस की ओर से यहां जारी विज्ञप्ति में श्री सलूजा ने कहा है कि श्री चौहान अपने 15 वर्षों के कार्यकाल के बाद यह हक खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं दोनों मुद्दों पर गंभीर है। अभी सरकार बने दो माह भी नहीं हुए और श्री चौहान आलोचना के मुद्दे ढूंढ़ने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने इतने कम समय में इतने बड़े-बड़े जन हितैषी फैसले लिये हैं कि आप इतनी जल्दी इतिहास के व्यक्ति बन गये हैं।
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उन्होंने कहा कि जहां तक कानून व्यवस्था की बात है तो सरकार ने रतलाम, मंदसौर और बड़वानी में हुई हत्याओं की घटनाओं में त्वरित कार्यवाही की और अपराधियों की धरपकड़ हुई।
उन्होंने कहा कि श्री चौहान के कार्यकाल में बच्चों के अपराध में 865 फीसदी का इजाफा हुआ। एनसीआरबी के आंकड़ के अनुसार उनके कार्यकाल में देश में हुए अपराधों में मध्यप्रदेश सदैव अव्वल रहा है।
श्री सलूजा ने कहा कि मध्यप्रदेश के ऊपर यह जो काला दाग लगा है, उसे कांग्रेस सरकार धोने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पंद्रह वर्षो में प्रदेश में 21 हजार किसानों ने आत्महत्या की। किसानों की आत्महत्या में प्रदेश तीसरे नंबर पर रहा। बरेली और मंदसौर में किसानों के सीने पर गोलियां दागी गयी और पीड़तों को न्याय नहीं मिला। खेती घाटे का धंधा बन गयी। किसानों को खेती छोड़ उद्योग धंधे लगाने और नौकरी करने की सलाह देने लगे थे।


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