बेबसी की हद पार! कब्र से बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई, 19,300 के लिए मौत का सबूत मांग रहा था सिस्टम

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Skeleton at Odisha Bank: ओडिशा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सिस्टम की सख्ती और कागज़ी नियमों के आगे एक आदिवासी गरीब की बेबसी उजागर हो गई। क्योंझर जिले में एक आदिवासी शख्स 27 अप्रैल, सोमवार को अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक में उसके नाम पर पैसे निकालने पहुंच गया। सिर्फ ₹19,300 के लिए एक भाई ने ऐसा कदम उठाया, जिसे देखकर सब दंग रह गए। यह घटना क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक में स्थित ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी ब्रांच में हुई है। शख्स की पहचान डियानाली गांव के जीतू मुंडा (50) के रूप…

Skeleton at Odisha Bank: ओडिशा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सिस्टम की सख्ती और कागज़ी नियमों के आगे एक आदिवासी गरीब की बेबसी उजागर हो गई। क्योंझर जिले में एक आदिवासी शख्स 27 अप्रैल, सोमवार को अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक में उसके नाम पर पैसे निकालने पहुंच गया। सिर्फ ₹19,300 के लिए एक भाई ने ऐसा कदम उठाया, जिसे देखकर सब दंग रह गए।

यह घटना क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक में स्थित ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी ब्रांच में हुई है। शख्स की पहचान डियानाली गांव के जीतू मुंडा (50) के रूप में हुई है। उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा (56) की मृत्यु 26 जनवरी 2026 को हुई थी। उसके खाते से वह 19,300 रुपये निकालना चाहता था। किसी को यकीन नहीं हुआ कि इंसान मजबूरी में ऐसा कदम भी उठा सकता है।

Skeleton at Odisha Bank: जानकारी की कमी से मजबूर जीतू

Skeleton at Odisha Bank
Skeleton at Odisha Bank (Source: Social Media)

जीतू मुंडा को बताया कि “मैं कई बार बैंक गया और वहां के लोगों ने ,मुझे खाताधारक को लाने के लिए कहा ताकि उसके नाम पर जमा राशि निकाला जा सके। हालांकि मैंने उन्हें बताया कि उसकी मृत्यु हो चुकी है और फिर भी उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और उसे बैंक लाने पर अड़े रहे। इसलिए हताशा में आकर मैंने कब्र से प्रमाण के लिए अपनी मृतक बहन का कंकाल निकाल लिया।”

पटना थाने के प्रभारी निरीक्षक किरण साहू बैंक पहुंचे और कहा कि जीतू एक अनपढ़ आदिवासी है। उसे यह नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी उसे मृत व्यक्ति के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया ठीक से समझा नहीं पाए।

कब्र से कंकाल निकालकर 3 किलोमीटर पैदल चला

सोमवार को जीतू गांव के श्मशान गया। उसने अपनी बहन की कब्र खोदी और उसके अवशेष निकाले। फिर कंकाल को कपड़े में लपेटकर कंधे पर रखा और करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गया। तेज धूप में यह मंजर देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।

Odisha News Today: पुलिस ने जीतू मुंडा को दिया आश्वासन

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Odisha News Today (Source: Social Media)

बैंक के बाहर जीतू अपनी बहन का कंकाल लेकर खड़ा था, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बैंक की आलोचना की। उनका कहना था कि बैंक चाहे तो सरपंच से जांच करा सकता था या मानवीय आधार पर फैसला ले सकता था।
हालांकि, घटना के बाद पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में पुलिस की मौजूदगी में कंकाल को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।