नैनीताल : आयुर्वेदिक विवि में नियुक्तियों समेत अन्य अनियमितताओं में भ्रष्टाचार मामले में निलंबित पूर्व रजिस्ट्रार मृत्युंजय मिश्रा की धर्मपत्नी व मामले में सह आरोपी बनाई गई श्वेता मिश्रा गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट पहुंच गई हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से एक सप्ताह में पूरक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 19 दिसंबर नियत कर दी। सतर्कता अधिष्ठान की ओर से 18 नवंबर को मृत्युंजय मिश्रा की धर्मपत्नी श्वेता मिश्रा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आरोप था कि भ्रष्टाचार में मिश्रा की धर्मपत्नी श्वेता भी साझीदार थी। उनके बैंक एकाउंट में 20 लाख से अधिक की रकम फर्म से ट्रांसफर की गई थी। इधर श्वेता ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने को हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नंदन सिंह कन्याल की ओर से कोर्ट को बताया कि इस मामले में याचिकाकर्ता की कोई भूमिका नहीं है।
जिस खाते में रकम की बात की गई है, वह उनके पति के साथ संयुक्त खाता है और यह रकम किसी फर्म से नहीं बल्कि निजी है। सतर्कता अधिष्ठान द्वारा जबरन मामले में फंसाया जा रहा है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद याचिकाकर्ता से पूरक हलफनामा पेश करने के निर्देश देते हुए अगली तिथि 19 दिसंबर नियत कर दी। आरोप था कि मिश्रा द्वारा फर्जी कंपनी बनाकर धोखाधड़ी की और इसमें उसकी पत्नी की भी बराबर की भूमिका थी।


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