तमिलनाडु में आज खुलेगा वाम दलों का पत्ता, बताएंगे सरकार गठन के क्राइसिस में वे किस तरफ

Summary :

Tamil Nadu TVK Crises :  तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के आने के बाद से असली उठापटक अब शुरू हुई है. सरकार गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है. बता दें राज्य में अभिनेता से नेता बने विजय विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी है. मगर जरूरी बहुमत से वह 10 सीट दूर रही. अब समस्या यह कि उसे सरकार बनाने के लिए गठबंधन समर्थन की जरूरत है. क्या है LEFT की रणनीति बता दें, इसे लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की राज्य कार्यकारी समिति और थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) आज औपचारिक रूप…

Tamil Nadu TVK Crises :  तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के आने के बाद से असली उठापटक अब शुरू हुई है. सरकार गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है. बता दें राज्य में अभिनेता से नेता बने विजय विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी है. मगर जरूरी बहुमत से वह 10 सीट दूर रही. अब समस्या यह कि उसे सरकार बनाने के लिए गठबंधन समर्थन की जरूरत है.

क्या है LEFT की रणनीति

बता दें, इसे लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की राज्य कार्यकारी समिति और थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) आज औपचारिक रूप से तय करेंगी कि वे टीवीके के पाले में खड़ी होंगी या नहीं.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव एम. वीरपांडियन ने स्पष्ट किया है कि पार्टी को विजय की ओर से समर्थन का पत्र प्राप्त हुआ है और आज की बैठक के बाद इसका आधिकारिक उत्तर भेज दिया जाएगा. चुनाव में दो सीटें जीतने वाली भाकपा का रुख राज्य में नए समीकरण बनाने के लिए अहम माना जा रहा है.

दूसरी ओर, द्रमुक की पुरानी सहयोगी रही VCK भी आज अपनी उच्चस्तरीय समिति के साथ मंथन कर रही है. वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी का फैसला वामपंथी दलों के रुख के साथ तालमेल बिठाकर लिया जाएगा, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि एक नया ‘Third Front’ उभर सकता है.

क्या विपक्ष में बैठेंगे विजय

इन चर्चाओं के बीच गलियारों में एक चौंकाने वाली खबर यह भी तैर रही है कि यदि राज्य में फिर से DMK (द्रमुक) या AIADMK (अन्नाद्रमुक) की सरकार बनती है, तो टीवीके के सभी नवनिर्वाचित विधायक सामूहिक रूप से इस्तीफा दे सकते हैं.

माना जा रहा है कि विजय अगर सरकार बनाने में असफल रहते हैं तो वह अपने 107 विधायकों के साथ इस्तीफ़ा दे सकते हैं. वे ‘King Maker’ बनने के या विपक्ष में बैठने की बजाए दोबारा जनता के बीच जाने का जोखिम उठाने को तैयार है.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।