केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों के स्वयं मूल्यांकन पर जोर दिया गया है तथा 360 डिग्री समग्र मूल्यांकन पद्धति के तहत अब बच्चों का रिपोर्ट कार्ड नहीं बल्कि प्रोग्रेस कार्ड तैयार होगा। मध्यप्रदेश के अमरकंटक में केंद्रीय विद्यालय के नवनिर्मित भवन का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा में महत्वपूर्ण सुधार करते हुए बच्चों के स्वयं मूल्यांकन पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘बच्चे का अब रिपोर्ट कार्ड नहीं बल्कि प्रोग्रेस कार्ड होगा। बच्चे का मूल्यांकन वे खुद, उनके साथी, उनके अध्यापक, उनके अभिभावक करेंगे।’’ निशंक ने कहा कि हमने 360 डिग्री समग्र मूल्यांकन का प्रावधान रखा है। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड के स्वरूप में बदलाव करते हुए समग्र मूल्यांकन पर आधारित रिपोर्ट कार्ड की बात कही गई है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘नई शिक्षा नीति नए भारत की परिकल्पना को पूरा करेगी और इसीलिए हमने छठी कक्षा से ही व्यावसायिक शिक्षा का प्रावधान रखा है। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक शिक्षा के साथ इंटर्नशिप का प्रावधान किया है ताकि 12वीं के बाद जब बच्चा निकले तो पूरी तरह से कौशल सम्पन्न हो। निशंक ने कहा कि इसके तहत पहली बार छठी कक्षा से कृत्रिम बुद्धिमता विषय पढ़ाया जायेगा।


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