महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर रखने के मुद्दे पर राज्य विधानसभा में एक बयान दिया। जिसमे उन्होंने ने कहा कि शहरों का नाम बदलने का अधिकार केंद्र सरकार को है, राज्य सरकार को नहीं। नाम बदलने का समर्थन करने वाली शिवसेना को इस मुद्दे पर अपने सहयोगी दल कांग्रेस से विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य में विपक्षी दल भाजपा यह कहते हुए शिवसेना की आलोचना कर रही है कि उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने सत्ता में बने रहने के लिए अपनी पुरानी मांगों को त्याग दिया है। औरंगाबाद में इस साल निकाय चुनाव होने वाले हैं। भाजपा विधायक योगेश सागर द्वारा विधानसभा में मंगलवार को उठाए गए सवाल के जवाब में ठाकरे ने कहा कि “शहरों का नाम बदलना, केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, राज्य सरकारों के नहीं।
उन्होंने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने का विस्तृत प्रस्ताव, डिविजनल आयुक्त से चार मार्च 2020 को मिला था। उन्होंने कहा कि मामले के कानूनी पक्ष को देखते हुए कानून एवं न्याय विभाग से सुझाव मांगा गया है। सभी प्रकार की मंजूरी मिलने के बाद औरंगाबाद के डिविजनल आयुक्त का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।


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