उत्तराखंड कर विभाग के अपर आयुक्त (रूद्रपुर) अनिल सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स ने मंगलवार को कर चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाते हुए जिले के कई प्रतिष्ठानों पर एक साथ औचक छापे मारे गये। टीम ने छापे के दौरान अभिलेखों की गहरी छानबीन की और कई अभिलेखों को अपने कब्जे में भी लिया। छानबीन के दौरान करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले सामने आये हैं। कर विभाग द्वारा अभियान के तहत 10 टीमें गठित की गई। जिसमें 30 कर अधिकारियों को शामिल किया गया।
दस अलग-अलग अधिकारियों की टीमें रूद्रपुर, काशीपुर, सितार गंज, किच्छा,खटीमा, सिडकुल सितार गंज, सिडकुल पंतनगर, कालीनगर सहित जिले के अनेक शहरों में पहुंची जहां 18 से अधिक प्रतिष्ठानों पर औचक छापे मारे गये। कर विभाग की इस कार्यवाही से व्यापारियों एवं उद्योगपतियों में हड़कंप मच गयी।
सभी प्रतिष्ठानों पर पुलिस के संरक्षण में अधिकारियों ने गहरी छानबीन की वहीं संबंधित व्यापारियों से आवश्यक पूछताछ भी की। मंगलवार सुबह शुरू की गयी छापेमारी की कार्यवाही कई घंटे चली और करीब 400 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर जीएसटी जमा न करने वाले व्यापारियों के विरूद्ध कड़ कार्यवाही की गई। जिनमें खनन पट्टाधारक एवं स्टोन क्रेशर स्वामी भी शामिल थे।
अपर आयुक्त अनिल सिंह ने बताया कि एसटीएफ द्वारा पिछले काफी समय से बड़ संख्या में ऐसे व्यापारियों की जांच की जा रही थी जो ई-वे बिल से सामान की खरीद बिक्री तो कर रहे थे लेकिन जीएसटी रिर्टन एवं कर नहीं भर रहे थे ऐसे पट्टेधारकों, स्टोनक्रेशर पर भी पैनी निगाह रखी जा रही थी जो खनन विभाग के ई-रवन्ना द्वारा बड़ मात्रा में खनन सामग्री की खरीद बिक्री कर रहे थे।
लेकिन जीएसटी और कर अदायगी नहीं कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यापारियों से छापेमारी की कार्यवाही के दौरान दस लाख रुपये से भी अधिक जीएसटी कर के रूप में जमा करवायी गयी। छापेमारी की इस कार्यवाही को जीएसटी राज्य कर एवं रूद्रपुर की एसटीएफ इकाई की बड़ सफलता माना जा रहा है।


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