पश्चिम बंगाल के रायगंज में वोटिंग के दौरान हिंसा, माकपा ने की पुनर्मतदान की मांग

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सलीम ने 15 अप्रैल को आयोग को पत्र लिखकर हिंसा के खतरे वाले मतदान केन्द्रों को संवेदनशील बताते हुये आयोग से एहतियाती उपाय करने की मांग की थी।

माकपा ने दूसरे चरण के मतदान में 18 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट पर हुई हिंसा का हवाला देते हुए चुनाव आयोग से हिंसा प्रभावित 28 मतदान बूथ पर पुनर्मतदान कराने की मांग की है। माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य नीलोत्पल बसु ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को पत्र लिखकर त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हो रही हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए इस दिशा में संजीदा कार्रवाई करने की मांग की है।

बसु ने कहा कि पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट पर 18 अप्रैल को मतदान के दौरान हुई हिंसा के बारे में माकपा उम्मीदवार मोहम्मद सलीम ने पहले ही आयोग को आगाह किया था। सलीम ने 15 अप्रैल को आयोग को पत्र लिखकर हिंसा के खतरे वाले मतदान केन्द्रों को संवेदनशील बताते हुये आयोग से एहतियाती उपाय करने की मांग की थी। इनमें वे 28 मतदान बूथ भी शामिल हैं जिन पर मतदान के दौरान हिंसा हुई।

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उन्होंने कहा कि हिंसा प्रभावित मतदान बूथ पर केन्द्रीय बलों की तैनाती, वीडियो स्ट्रीमिंग और सीसीटीवी कैमरे जैसे इंतजाम नदारद पाये गये। कुछ केन्द्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही। यहां तक कि मतदान के दिन सलीम भी हिंसा में चोटिल हुये। बसु ने कहा कि पश्चिमी त्रिपुरा सीट पर मतदान के दौरान हुयी हिंसा की तरह ही रायगंज में भी हिंसा हुयी। उन्होंने आयोग से रायगंज में 18 अप्रैल को हुये मतदान वाले 28 मतदान बूथ पर पुनर्मतदान कराने की मांग की।

Desk Team