पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच मतभेदों के बावजूद परस्पर सम्मान करने की जरूरत पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि देश में अभी असिहष्णुता का युग है।

ममता ने संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर विधानसभा में यह आरोप भी लगाया कि केंद्र में भाजपा नीत सरकार केंद्रीय एजेंसियों के जरिये देश चला रही है। उन्होंने लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘देश में अभी राजनीतिक असहिष्णुता का युग है। संविधान के मुताबिक, लोगों के प्रतिनिधियों को जन कल्याण के लिए काम करना चाहिए। धर्म, समुदाय या जाति और ध्रुवीकरण के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। ’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन, हम क्या देख रहे हैं? इसके उलट हम लोगों के अधिकारों को छिनते देख रहे हैं। ’’

जानकारी के मुताबिक इससे पहले, चर्चा में भाग लेते हुए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना है, शिक्षा क्षेत्र का राजनीतिकरण किया है, नौकरशाही विभाजित कर दी और विपक्ष का सम्मान करने में यकीन रखती है। वहीं, ममता ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार विपक्ष का सम्मान करती है और भाजपा विधायकों को 41 समितियों में से नौ विधानसभा समितियों की अध्यक्षता की पेशकश की। उन्होंने कहा, ‘‘परस्पर सम्मान करना होगा, भले ही हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी क्यों ना हों। यह लोकतंत्र को बनाये रखेगा।’’


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