नमाज़ के लिए लाउडस्पीकर की जरूरत क्यों, घर में पढ़ें नमाज : राज ठाकरे

Summary :

जनता की भावनाओं के साथ सरकार को खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। सरकार को ईमानदारी से मराठा आरक्षण पर अपनी भूमिका और इरादे स्पष्ट करने चाहिए।

नमाज के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सवाल उठाए हैं। ठाकरे ने कहा है कि मुस्लिमों को सड़क पर नहीं बल्कि घर पर ही नमाज अदा करनी चाहिए। शुक्रवार को पुणे में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अज़ान देने के लिए लाउडस्पीकर की जरूरत क्यों है, अगर नमाज़ पढ़नी है तो घर में पढ़ सकते हो। इतना ही नहीं राज ने कहा कि मैं महाराष्ट्र और देश के मुसलमानों को कई बार कहता हूं कि घर में नमाज़ पढ़नी चाहिए क्यों रास्ते में जाम लगाते हो। ठाकरे बोले कि अगर हर कोई इस ओर ध्यान देगा तो देश में संघर्ष नहीं होगा।

राज ठाकरे ने मराठा आंदोलन का समर्थन किया है और आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, ”सरकार अगर शासन नहीं कर सकती तो उसे हट जाना चाहिए। जनता की भावनाओं के साथ सरकार को खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। सरकार को ईमानदारी से मराठा आरक्षण पर अपनी भूमिका और इरादे स्पष्ट करने चाहिए। राज ने महाराष्ट्र के युवाओं से आत्महत्या नहीं करने की अपील की।” गौरतलब है की इससे पहले गायक सोनू निगम ने ट्वीट किया था, ‘मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन रोज सुबह मुझे अजान की आवाज से उठना पड़ता है।’

उन्होंने आगे लिखा था, ‘आखिर कब भारत से ये जबरन धार्मिक भावना थोपना खत्म होगा? वैसे जब मोहम्मद ने इस्लाम बनाया था तब बिजली नहीं थी।’ सोनू निगम ने ये भी कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई मंदिर या गुरुद्वारा बिजली का इस्तेमाल उन लोगों को जगाने के लिए करते हैं जो उस धर्म का पालन नहीं करते। तो फिर ऐसा क्यों? गुंडागर्दी है बस।’ हालाँकि सोनू निगम के इस ट्वीट के बाद से काफी विवाद हुआ था। ठाकरे ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम को गले लगाया तो हर कोई मज़ाक उड़ाने लगा। उन्होंने कहा कि पीएम दुनियाभर के नेताओं को गले मिलते रहते हैं, अगर राहुल उनसे मिले तो इसमें क्या गलत है।

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