पंजाब पुलिस ने राज्य के फरीदकोट में 2015 में हुई धर्मग्रंथों की बेअदबी की तीन घटनाओं की ‘‘आगे की जांच’’ सीबीआई से कराने की मांग की है। कुछ दिन पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस सिलसिले में मोहाली की एक अदालत में ‘‘क्लोजर रिपोर्ट’’ (मामला बंद करने का अनुरोध) दाखिल की थी।
सीबीआई को लिखे एक पत्र में विशेष महानिदेशक-सह-जांच ब्यूरो निदेशक,पंजाब प्रबोध कुमार ने पंजाब पुलिस उप महानिरीक्षक आरएस खटरा के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा उल्लेख की गई कुछ खास पहलुओं की ‘‘आगे की जांच’’ कराने की मांग की है। एसआईटी ने ऐसी अन्य घटनाओं की जांच की थी।
पिछले महीने 29 तारीख के इस पत्र में कुमार ने एसआईटी प्रमुख खटरा के उस पत्र को भी संलग्न किया है, जिसमें कुछ अहम गवाहों और संदिग्धों से पूछताछ करने की जरूरत की ओर इशारा किया गया है। साथ ही, विदेश से संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर ‘‘तकनीकी साक्ष्य’’ का विश्लेषण करने की जरूरत का भी जिक्र किया गया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी के निदेशक को लिखे पत्र में कुमार ने कहा है कि एसआईटी प्रमुख के संलग्न पत्र से पता चलता है कि कुछ अहम गवाहों/ संदिग्धों की अब तक पहचान नहीं की गई या उनका बयान नहीं लिया गया है। जबकि उनकी गवाही इन मामलों पर प्रकाश डाल सकती है।
उन्होंने लिखा है, ‘‘इसके अतिरिक्त, संलग्न पत्र में जिस ‘तकनीकी साक्ष्य’ के बारे में कहा गया है उस पर भी उचित विचार करने और विश्लेषण की आवश्यकता है।’’
पिछले महीने मोहाली में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर फरीदकोट में बेअदबी की तीन घटनाओं में आरोपियों को क्लीनचिट दी थी। जांच एजेंसी ने इन मामलों में पंजाब पुलिस एसआईटी के निष्कर्षों को खारिज कर दिया था। क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद आगे की जांच के लिए अनुरोध किया गया है।


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