पजांब जनता दल (यू) उपाध्यक्ष ओम प्रकाश खेमकरणी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा SC\ST संबंधी कानून में किए गए बदलाव को लोगों के सामने सही तरीके से पेश करने में केंद्र सरकार असफल रही जिसके कारण देश में बड़ स्तर पर विरोध प्रकट किया गया। खेमकरणी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने SC\ST अधिनियम के अधीन अत्याचार के मामलों के पिछले तीन सालों के आंकड़ की छानबीन के आधार पर जो भी मत व्यक्त किया है, उस बारे में अदालत से स्थिति को और स्पष्ट किया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि SC \ST ने मुख्य कानून में कहीं भी कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन केंद्र सरकार की भारी गलती और लापरवाही थी कि वह इस स्थिति को लोगों के सामने सही तरीके से पेश नहीं कर सकी जबकि विरोधी दलों ने जानबूझ कर भ्रामक एवं भड़काऊ प्रचार किया कि यह कानून खत्म कर दिया गया है। खेमकरणी ने मांग की है कि भारत बंद के लिए जिन राजनीतिक एवं अन्य संगठनों के नेताओं ने भड़काऊ अपील की, जानबूझकर उत्तेजनात्मक, भ्रामक वक्तव्य दिये उन पर सरकार को कानून के अनुसार मुकद्दमें चलाने चाहिए।
फगवाड़ और जालंधर की घटनाओं के बारे में खेमकरणी ने कहा कि डॉ अम्बेडकर अत्यंत माननीय महानायक एवं युग प्रवर्तक महापुरूष हैं। उनके नाम पर किसी सार्वजनिक स्थान का नाम रखने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में हुई गोलीबारी की उन्होने निंदा की है।
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