खुशियां बदली मातम में, बेटी की डोली के साथ मां की अर्थी उठी

Summary :

पंजाब के 40 मुक्तों के शहर के नाम से विख्यात श्री मुक्तसर साहिब के गांधी नगर इलाके में बेटी की विदाई के दौरान ममतामयी मां इस दुनिया को अलविदा कह गई

लुधियाना-श्रीमुक्तसर साहिब : कुदरत जिंदगी में कई रंग दिखाती है, ऐसा आभास उस वक्त सुर्खियां बनकर उभरा जब पंजाब के 40 मुक्तों के शहर के नाम से विख्यात श्री मुक्तसर साहिब के गांधी नगर इलाके में बेटी की विदाई के दौरान ममतामयी मां इस दुनिया को अलविदा कह गई।
दरअसलस, गांधी नगर इलाके में रहने वाली आशा रानी की बेटी रेखा की शादी का कार्यक्रम धूमधाम से चल रहा था। कस्बां अनूपगढ़ से सजधजकर बारात आई और दोनों परिवारों के समस्त लोगों ने गाजे-बाजे के साथ खुशियां मनाने में मशगूल थे कि अचानक अनाज मंडी के नजदीक जंग भवन में बेटी के अंतिम फेरे के दौरान विदाई देखते हुए मां अचानक जमीन पर गिर गई।
नीचे गिरने के साथ ही उसी पल उसकी मौत होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, परिजनों ने उन्हें तत्काल उठाकर अस्पताल ले जाकर डॉक्टरों को दिखाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दोनों तरफ के रिश्तेदारों ने अंतिम फेरा पूरा करते हुए बाकी रस्में जल्दबाजी में अदा की और फिर बेटी को शहर के स्थानीय होटल में ठहरा दिया, ताकि बेटी को मां की मौत का पता ना चल सकें। देर शाम मां का अंतिम संस्कार हुआ तो उसी पल बेटी की डोली रवाना हुई। 
-रीना अरोड़ा

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