कोरोना माहमारी की दूसरी लहर के बीच देश बेड, वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में पीएम केअर्स फंड की ओर से मंगाए गए वेंटिलेटर्स की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पंजाब में पिछले साल पीएम केअर्स फंड के तहत उपलब्ध कराए गए कई वेंटिलेटर्स उपयोग में नहीं लाए गए, क्योंकि वेंटिलेटर्स की गुणवत्ता को सही नहीं बताया गया।
फरीदकोट के बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के कुलपति ने बताया कि हमें PM Cares Fund के तहत 82 वेंटिलेटर दिए गए। इन 82 वेंटिलेटरों में से, 62 शुरुआत से काम करने की स्थिति में नहीं थे क्योंकि ये अच्छी गुणवत्ता के नहीं हैं। आज, हमारे पास काम करने की स्थिति में केवल 42 वेंटिलेटर्स हैं।
कोटकापुर से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवान ने आरोप लगाया कि पीएम केयर फंड के तहत आपूर्ति किए गए वेंटिलेटर गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अप्रयुक्त हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का कहना है कि इन वेंटिलेटर्स की गुणवत्ता खराब है और उपयोग के दौरान एक या दो घंटे के भीतर ही बंद हो जाते हैं।
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मेडिकल कॉलेज में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए इन वेंटिलेटरों की गुणवत्ता पर भरोसा नहीं किया जा सकता है क्योंकि जब इन मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, तब यह अचानक काम करना बंद कर दे रहे हैं। वहीं एक डॉक्टर ने कहा कि वेंटिलेटर की गुणवत्ता काफी खराब है, ये मशीन बंद हो जा रहे हैं, इसलिए हम मरीजों की जान को जोखिम में नहीं डाल सकते।
मेडिकल कॉलेज के प्रशासन की तरफ से संज्ञान में लाए जाने के बाद मंगलवार को पंजाब सरकार के मुख्य सचिव ने वेंटीलेटर्स की मरम्मत के लिए मंजूरी दी और इसके बाद बुधवार को एक विशेष टीम यहां पहुंचकर वेंटीलेटर्स को ठीक करने में जुट गई है।


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