लुधियाना- होशियारपुर : बैसाखी से पहले सरहद पार पाकिस्तान में वैध तरीके से पासपोर्ट के जरिए सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई गढ़शंकर की किरण बाला के धर्म परिवर्तन किए जाने की सूचना पाकर उसके ससुराल में हाहाकार मच गई है। उसके ससुराल वालों ने आरोप लगाए है कि पाकिस्तान की एजेंसी ने उनकी बहू को बहला-फुसलाकर साजिश अधीन अपने कब्जे में किया है। इसलिए प्रधानमंत्री समेत मुख्यमंत्री पंजाब व अन्य को गुहार लगाई है कि किरण को जल्द वापिस भारत लाया जाएं ताकि वह अपने 3 बच्चों की जिम्मेदारी का निर्वाह कर सकें। हालांकि किरण ने बैसाखी से जाने से पहले 21 अप्रैल को वापिस आने का वायदा किया था परंतु अब वह वापिस नहीं आ रही। इसी सिलसिले में शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भारतीय और पाकिस्तानी एजेंसियों की इसे नाकामी बताया।
शिरोमणि कमेटी के प्रवक्ता दलजीत सिंह बेदी ने इस घटना के उपरांत स्पष्ट किया कि शिरोमणि कमेटी द्वारा जत्था भेजने के लिए संगतों से पासपोर्ट इकटठे करके सरकार को जांच के लिए भेजे जाते है और योगय कार्यवाही करके ही श्रद्धालुओं की रिपोर्ट तैयार होती है। उन्होंने यह भी कहा कि इन्ही रिपोर्ट के आधार पर भेजे गए कई नामों में से कई श्रद्धालुयों की छांटी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि उक्तत महिला के लंबे वक्त से पाकिस्तानी नागरिक के साथ संपर्क होने की खबरें है। ऐसे में देश की खुफिया एजेंसी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक किरणबाला ने लाहौर के रहने वाले मुस्लिम मोहम्मद आजम के साथ निकाह कर लिया है और दोनों की फेसबुक के जरिए जान-पहचान हुई थी। हर साल की तरह इस बार भी बैसाखी के दिन पाकिस्तान स्थित गुरूधामों के दर्शनों के लिए सिख श्रद्धालुओं के जत्थों के साथ किरण ने भी अपने परिवार से विदाई ली थी। यह भी पता चला हे कि किरणबाला गढ़शंकर में ब्याहता है और उसके 3 बच्चे है। अब पाकिस्तान में उसने धर्म परिवर्तन करके विवाह रचाया है और अब निकाह के उपरांत वह अमीना बेगम बन गई है। गढ़शंकर के रहने वाले तरसेम सिंह के बेटे का किरणबाला से शादी हुई थी और उसके बेटे की 2012 में एक दुर्घटना के दौरान मौत हो गई थी और जिसके बाद किरण कुछ समय के लिए अपने मायके चली गई थी। किरण के ससुर तरसेम सिंह अपने पोतो और बहू के पालन पोषन का भरोसा देकर उसे वापिस ले आया था।
तरसेम के मुताबिक उसकी बहू ने लाहौर की मस्जिद में धर्म परिवर्तन करके निकाह कर लिया। उसने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विभाग में अर्जी दी है कि अब भारत वापस नहीं जाना चाहती। उधर, महिला के ससुर ने उसके आइएसआइ के हत्थे चढऩे का शक जताया है।
किरण ने इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तानी विदेश विभाग में एक अर्जी दायर की है। अर्जी में उसने अपनी सहमति के साथ मोहम्मद आजम के साथ निकाह करने की बात कही है। उसने कहा कि वह भारत से आए सिख जत्थे के साथ 21 अप्रैल को वापस नहीं जाएगी। वह 16 अप्रैल को सिख श्रद्धालुओं के जत्थे से अलग हुई और फिर उसने निकाह कर लिया। बताया जाता है कि किरण बाला के धर्म परिवर्तन के बारे में लाहौर की इस मस्जिद के मौलवी रगीब नईमी ने पुष्टि भी की है।
तरसेम सिंह इस समय पर अपने मुहल्ले के गुरुघर में हेड ग्रंथी हैं। उन्हें तो इस घटना पर यकीन ही नहीं हो रहा है। ससुराल परिवार मुताबिक किरण बाला पिछले एक महीने से फेसबुक और वाट्सऐप पर किसी के साथ लगातार बातचीत व चेटिंग कर रही थी। पूछने पर यही कहती थी कि वह अपने रिश्तेदार के साथ बात कर रही है।
– सुनीलराय कामरेड
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