पंजाब सरकार ने आज मीडिया में आई उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि शहरी इलाकों के लोगों पर पालतू जानवर पालने, मवेशी या अन्य पशुओं को रखने पर एक नया कर लगाया जाएगा।
नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व वाले स्थानीय शासन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार अदालत के आदेश पर पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऐंड म्यूनिसिपल (रजिस्ट्रेशन कंट्रोल ऑफ स्ट्रे एनिमल्स ऐंड कंपनसेशन टू दी विक्टिम ऑफ एनिमल अटैक) उपनियम, 2017 बना रही है।
एक दीवानी रिट याचिका पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से आवारा कुथों या अन्य पशुओं द्वारा लोगों को काटने की घटनाओं पर लगाम लगाने और ऐसी घटनाओं में मारे जाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा देने संबंधी नीति बनाने को कहा था।
उन्होंने कहा, इस प्रस्ताव के तहत कोई नया कर नहीं लगाने जा रहे हैं। बल्कि मीडिया में आया कथित पत्र ऐसी घटनाओं में मौत होने की स्थिति में मुआवजा देने संबंधी नीतिप्रस्ताव बनाने से संबंधित था और इसीलिए जारी किया गया था।
उस कथित पत्र के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कुथा, बिल्ली, सुअर, भेड़, हिरण, भैंस, बैल, रूंट, घोड़ या गाय को पालने पर प्रतिवर्ष 250 से 500 रूपये तक का कर लगाने की बात थी।


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