पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भारत के साथ राजनयिक संबंध कमतर करने के पाकिस्तान के फैसले पर चिंता व्यक्त की लेकिन उन्होंने उम्मीद भी जताई कि इस कदम से करतारपुर गलियारे के निर्माण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सिंह ने पड़ोसी देश के कदम को ‘‘बिना सोचे समझे उठाया गया और अनावश्यक कदम’’ बताया।
भारत के साथ द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों को कमतर करने का फैसला करने के कुछ ही देर बाद, पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को देश छोड़ कर जाने के लिए कह दिया। अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और भारत के पास इस क्षेत्र के संबंध में कोई भी फैसला करने का अधिकार है।
पाकिस्तान को भारत के साथ राजनयिक संबंध कमतर करने के लिए इसे बहाना नहीं बनाना चाहिए था। सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का यह फैसला क्षेत्रीय सुरक्षा के हित में नहीं है और इस प्रकार के कदम से दक्षिण पूर्व एशिया में शांति अस्थिर होगी जिससे पड़ोसी देश ही असुरक्षित हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इन घटनाक्रमों से करतारपुर गलियारे पर असर नहीं पड़ेगा और पाकिस्तान बहुप्रतीक्षित गलियारे का काम रोक कर सिखों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक सोच का असर सिखों की धार्मिक भावनाओं पर नहीं पड़ने देना चाहिए। सिखों के लिए करतारपुर गलियारा श्रद्धा का प्रतीक है। सिंह ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह पाकिस्तान के समक्ष प्राथमिकता के साथ यह मामला रखे और यह सुनिश्चित करे कि करतारपुर गलियारे का निर्माण कार्य पटरी से नहीं उतरे।


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