लुधियाना : कृषि पर जीएसटी लगाने के खिलाफ पंजाब के किसानों ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेतली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज जेतली के महानगर में आगमन के चलते उनका घेराव करने के लिए भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व तले बडी संखया में किसान जेतली के कार्यक्रम स्थल की ओर कूच कर गए।
जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए तथा प्रदर्शनकारी किसानों को कार्यक्रम स्थल से पहले ही गुरूद्वारा साहिब में रोक लिया गया। भारतीय किसान यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल बलबीर सिंह रज्जेवाल और हरिंद्र सिंह लखोवाल की अध्यक्षता में अरूण जेतली से समारोह के उपरांत मिले और कर्ज लिए किसानों के समस्त कर्जे माफ करने की मांग की। रज्जेवाल ने कहा कि सरकार ने भूषण स्टील और वीडियोकॉन जैसे औद्योगपत्तियों के एक लाख करोड़ माफ किए है, परंतु किसानों के नही।
जहां पर किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पहले ही किसान आर्थिक हालत खराब होने के चलते आत्महत्याएं कर रहे है, वहीं अब कृषि पर जीएसटी लगने से स्थिति और बदतर हो गई है। केंद्र सरकार ऐसे फैसले लेकर खुद को कृषि समर्थक कैसे कह सकती है। उधर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने स्पष्ट किया कि कृषि से जुड़ी वस्तुओं पर लगे गुडस एवं सर्विस टैक्स- जीएसटी, को हटाने के लिए सरकार विचार कर सकती है। जेटली ने पंजाब के किसानों को आश्वासन दिया और साथ ही कहा यदि किसी ने जीएसटी से बचने के लिए होशियारी दिखाई तो वह बुरे फंस जाएंगे।
– सुनीलराय कामरेड


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