लुधियाना-फाजिलका : छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले का शिकार होने वाले सीमावर्ती जिले फाजिलका के गांव फतूवालां के सीमा सुरक्षा बल के जवान शहीद मुख्तयार सिंह का आज पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव तिरंगे में लिपटा पहुंचा तो गांव के ही 37 वर्षीय जवान को देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए दर्जनों गांवों के लोग और रिश्तेदार पहुंचे हुए थे। कोहराम और दर्द भरे माहौल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम थी। इसी दौरान उसको सरकारी और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई और सीमा सुरक्षाबल की एक टुकड़ी द्वारा शहीद मुख्तयार सिंह को सलामी दी गई। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सामाजिक लोग पहुंचे हुए थे।
प्राप्त जानकारी के शहीद मुख्तयार सिंह अपने पीछे विधवा मलकीत कौर और 13 साल पुत्र इंद्रसिंह समेत 10 वर्षीय बेटी जसमीन कौर छोड़ गया है। मुख्तयार सिंह ने अपनी आरंभिक शिक्षा लमोचढ़ के सरकारी स्कूल में प्राप्त की थी और इसके बाद फिरोजपुर से आईटीआई डिप्लोमा हासिल किया और वह 2002 में भारत मां की सेवा की खातिर बीएसएफ में भर्ती हो गया था और लगभग 14 साल पहले उसकी शादी हुई थी। मुख्तयार सिंह के पिता का बहुत समय पहले देहांत हो चुका है और मुख्तयार सिंह अपने 8 भाई बहनों में से 6वे नंबर पर था।
शहीद के परिवारिक सदस्यों के मुताबिक बीती रात नक्सलियों ने सीमा सुरक्षाबल की 114वीं बटालियन की टुकड़ी पर हमला किया था। रविवार सुबह-सवेरे 3 बजे नक्सली हमले के दौरान हुई मुठभेड़ में वह शहीद हो गया। परिवारिक सदस्यों के मुताबिक मुख्तयार सिंह ने इसी हफते छुटटी लेकर घर आना था, किंतु अब उसकी मृतक देह आई है।
शहीद का अंतिम संस्कार किए जाने से पहले उपस्थिति लोगों ने भारत मां की जयघोष की। इस दौरान बीएसएफ के जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए सम्मान दिया।
– सुनीलराय कामरेड


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