लुधियाना-फिरोजपुर : दल खालसा समेत अन्य सिख जत्थेबंदियों द्वारा आज 4 दिन बाद शनिवार को 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस के बायकाट का ऐलान किया है। दल खालसा और सिख जत्थेबंदियों के आगुओं का यह भी कहना है कि 26 जनवरी को उनके द्वारा लुधियाना, होशियारपुर और फिरोजपुर स्थित जीरा से रोष मार्च पास्ट निकाले जाने का कार्यक्रम बनाया गया है।
दल खालसा द्वारा सिखों के साथ एक बड़े धोखे के कारण गणतंत्रता दिवस का विरोध किया जा रहा है। दल खालसा के वरिष्ठ उपप्रधान बाबा हरदीप सिंह महिराज ने बताया कि सिखों के लिए सवेनिर्णय के अधिकार के लिए मार्च किया जा रहा है। जारी प्रैस नोट में हरदीप सिंह, दल खालसा के केंद्रीय वर्किग कमेटी सदस्य गुरविंद्र ङ्क्षसह बठिण्डा और अन्य ने बताया कि दल खालसा द्वारा सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों समेत अन्य शिक्षण संस्थाओं को इस काले समागम में हिस्सा ना लेने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि अगर सिख खालसा द्वारा विरोध मार्च में हिस्सा नहीं ले सकते तो वे अपने-अपने रिहायशी स्थलों और कारोबार व दुकानों पर काले झंडे लगाकर रोष मनाएं। उन्होंने कहा कि सिखों की 85फीसदी से अधिक कुर्बानियों के उपरांत हिंदुस्तान हुकूमत सिखों के साथ किए वायदों को निभा नहीं रही जबकि इसके विपरीत सिखों के बनते अधिकार, जमूहरी अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाई तो सिखों की आवाज को गोलियों, टंैको के साथ कुचलकर रख दिया।
बाबा हरदीप सिंह ने यह भी बताया कि हिंद हुकूमत ने सिखों के अलग अस्तित्व को खत्म करने हेतु चारों तरफ हमले जारी है। उन्होंने कहा कि हिंद संविधान में बयमानी के साथ सिखों के अलग अस्तित्व को खत्म करने हेतु कानूनी धाराएं लगाकर सिखों से बेइंसाफी और विश्वासघात किया है।
– सुनीलराय कामरेड


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