चंडीगढ़: शहर वासियों को घर बैठे प्रशासनिक सेवाएं देने के लिए ई-गवर्नैंस प्रोजैक्टों को सफलतापूर्वक लागू करने और स्थानीय सरकारों को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए सभी ईकाईयों का तकनीकी व वित्तीय आडिट करवाने के उद्देश्य से आज मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इन क्षेत्रों की अग्रणीय 24 कपंनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की। यहां सैक्टर 35 स्थित स्थानीय सरकार भवन में दोनों प्रोजैक्टों संबंधी की विभिन्न बैठकों दौरान श्री सिद्धू ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के दिशा निर्देश तहत आडिट व ई-गवर्नैंस के प्रोजैक्ट लागू किए जा रहे है उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री के साथ पहले ही विस्तारपूर्वक चर्चा हो चुकी है और मुख्यमंत्री ने अपनी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा कि तजवीज के लिए आवेदन (आरएफपी) मांगने से पहले वह समूह कंपनियों से सुझाव और इन प्रोजैक्टों को लागू करने के लिए शंकाओं के बारे में पूछना चाहते है ताकि इन प्रोजैक्टों को वास्तव में अमलीजामा पहचाना जा सके। बैठक दौरान विभाग के सलाहकार डा. अमर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव सतीश चंद्रा, सचिव केएम बालामुरगन, डायरैक्टर केके यादव, जनरल मैनेजर प्रोजैक्ट वीपी सिंह भी उपस्थित थे।
श्री सिद्धू ने कहा कि पिछले समय दौरान शहरों में स्थानीय सरकार द्वारा किए कार्यों का कोई आडिट नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि शहरियों को स्वच्छ व भ्रष्टाचार रहित सेवाएं देने के लिए स्थानीय सरकारों को जिम्मेवार व जवाबदेह बनना पड़ेगा और पारदर्शिता से सारे कार्य करने होंगे। जिसके लिए तीसरे पक्ष द्वारा सभी स्थानीय सरकारों को तकनीकी व वित्तीय आडिट करवाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह आडिट जहां पिछले समय में किए कार्यों का होगा वही मौजूदा समय में भी किए जाने वाले कार्यों का होगा। उन्होंने समूह कंपनियों के प्रतिनिधियों को कहा कि आडिट करवाने का उद्देश्य अकेला अनियमितताओं को सामने ही नहीं लाना बल्कि ऐसा सिस्टम स्थापित करना है ताकि इन अनियमितताओं को रोकने के लिए इन के हल और चैक भी रखे जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य निश्चित समय में पूरा करना अनिवार्य होगा और पड़ाव अनुसार सभी शहरी ईकाईयों को इसके घेरे में लाया जाएगा।


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